हरियाणा राज्य चुनाव आयोग ने कांग्रेस को दिया झटका, अब EVM से ही होंगे

Haryana State Election Commission gives a jolt to Congress, now elections will be conducted through EVM only

पानीपत: हरियाणा के राज्य चुनाव आयुक्त धनपत सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि निकाय चुनाव ई.वी.एम. से ही होंगे। हरियाणा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष उदयभान ने कुछ दिन पहले कहा था कि पार्टी को ई.वी.एम. पर कोई भरोसा नहीं है, इसलिए निकाय चुनाव बैलेट पेपर से करवाए जाने चाहिए। राज्य चुनाव आयुक्त कहा कि किसी भी राजनीतिक दल ने इस मांग को लेकर कोई मांगपत्र नहीं दिया है। राज्य में शहरी निकाय चुनाव ई.वी.एम. से ही होंगे। राज्य चुनाव आयोग को एम-टू ई.वी.एम. मिली हैं, जिनका प्रयोग पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में किया गया था। उन्होंने इस बात को खारिज किया कि ई.वी.एम. में किसी तरह की छेड़छाड़ की जा सकेगी। जून 2022 में शहरी निकाय और अक्तूबर-नवम्बर 2022 में पंचायत चुनाव भी ई.वी.एम. के माध्यम से ही कराए गए थे।

6 जनवरी तक मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन सुनिश्चित करें
राज्य चुनाव आयुक्त ने शहरी निकाय चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर सभी जिला उपायुक्तों से कहा है कि वे 6 जनवरी तक हर हाल में मतदाता सूचियों का अंतिम प्रकाशन सुनिश्चित कर लें, ताकि चुनाव कार्यक्रम घोषित करने में किसी तरह का विलंब नहीं हो सके। धनपत सिंह ने बताया कि 27 शहरी निकायों में वार्डबंदी और आरक्षण की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया जिला उपायुक्तों के माध्यम से पूरी की जा रही है। पहले चरण में गुरुग्राम, फरीदाबाद व मानेसर के सामान्य तथा अम्बाला व सोनीपत नगर निगमों के उपचुनाव होंगे। रोहतक और हिसार नगर निगमों में वार्डबंदी का काम हालांकि पूरा हो चुका है, लेकिन करनाल, यमुनानगर, पानीपत के साथ इन दोनों नगर निगमों के चुनाव दूसरे चरण में करवाए जाएंगे। राज्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि थानेसर नगर परिषद की वार्डबंदी का काम पूरा हो गया है, लेकिन इसके चुनाव दूसरे चरण में होंगे। कालांवाली के चुनाव भी दूसरे चरण में होंगे, जबकि सोहना के उपचुनाव पहले चरण में कराए जाएंगे। सोहना का केस हाईकोर्ट में चल रहा था, जो कि पीडि़त के पक्ष में नहीं गया है। अम्बाला, पटौदी, जाखल मंडी और सिरसा नगर परिषदों के चुनाव पहले चरण में होंगे।

निकाय चुनाव से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर रोक
हरियाणा में निकाय चुनाव से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण पर प्रदेश सरकार ने रोक लगा दी है। मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने में जुटे किसी कर्मचारी-अधिकारी को अब स्थानांतरित नहीं किया जाएगा। स्थानांतरण जरूरी हुआ तो हरियाणा राज्य चुनाव आयोग से अनुमति के बाद ही ऐसा किया जाएगा। मुख्य सचिव कार्यालय की राजनीतिक शाखा ने इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्ड-निगमों के प्रबंध निदेशक, मंडलायुक्त और उपायुक्तों को निर्देश जारी कर दिए हैं।

6 जनवरी को जारी होंगी अंतिम मतदाता सूचियां
हरियाणा में पहले चरण में होने वाले शहरी निकाय चुनाव के लिए 6 जनवरी को अंतिम मतदाता सूचियां प्रकाशित कर दी जाएंगी। शुक्रवार को रिवाइजिंग अथॉरिटी एस.डी.एम., डी.आर.ओ. और नगराधीश द्वारा आपत्तियों का निपटान का काम पूरा कर लिया गया। अब 31 दिसम्बर तक रिवाइजिंग अथॉरिटी के निर्णय के विरुद्ध उपायुक्तों के पास अपील की जा सकेगी। उपायुक्त 3 जनवरी तक इन अपीलों का निपटान करेंगे तथा 6 जनवरी को फाइनल मतदाता सूचियां जारी कर दी जाएंगी।

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