सोने की कीमतों भले ही इन दिनों ऊंचाई छू ली हो, लेकिन भारतीयों का पीली धातु के प्रति प्रेम कम नहीं हुआ है. शेयर बाजार में भी इस मांग की चमक साफ देखी जा सकती है. आमतौर पर किसी भी वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही को गहनों की खरीदारी के लिहाज से सुस्त माना जाता है. इसके बावजूद, कंपनियों के ताजा अपडेट्स एक बिल्कुल नई कहानी बयां कर रहे हैं. भारी मांग के चलते ज्वेलरी कंपनियों के कारोबार में जबर्दस्त तेजी बनी हुई है. ये तेजी सिर्फ एक संयोग नहीं है, बल्कि इसके पीछे इन कंपनियों का मजबूत विस्तार और शानदार मुनाफा है. इक्विटीमास्टर की रिपोर्ट के अनुसार, चार ऐसे प्रमुख ज्वेलरी स्टॉक्स हैं, जिनका बिजनेस मॉडल का ग्रोथ प्लान बेहद शानदार नजर आ रहा है. आइए विस्तार से समझते हैं कि किन कंपनियों का बाजार में दबदबा बढ़ रहा है.

पीएनजी ज्वेलर्स का महाराष्ट्र से निकलकर देशभर में दबदबा
साल 1832 में शुरू हुआ पीएनजी ज्वेलर्स आज भारत के सबसे पुराने और भरोसेमंद रिटेलर्स में गिना जाता है. पुणे से शुरुआत करने के बाद इस ब्रांड ने महाराष्ट्र में अपनी गहरी पैठ बनाई और अब तेजी से पूरे देश में फैल रहा है. पिछले तीन साल में इसकी बिक्री में 44.4 फीसदी और शुद्ध मुनाफे में 46.4 फीसदी की सालाना दर से उछाल आया है. वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कंपनी ने 35,443 मिलियन रुपये का बंपर रेवेन्यू कमाया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में महज 15,882 मिलियन रुपये था. इसी दौरान शुद्ध मुनाफा भी 620 मिलियन से छलांग लगाकर 903 मिलियन रुपये पर पहुंच गया. पूरे साल में 25 नए स्टोर खोलने के साथ मार्च 2026 तक कंपनी के कुल 78 स्टोर हो चुके हैं. मैनेजमेंट का अनुमान है कि FY27 में वे 135 अरब रुपये का रेवेन्यू हासिल करेंगे.
कर्ज घटाकर नया रिकॉर्ड बना रहा कल्याण ज्वेलर्स
कल्याण ज्वैलर्स आज के समय में भारत की टॉप ऑर्गनाइज्ड ज्वेलरी चेन में शुमार है. भारत से लेकर मिडिल ईस्ट तक, कंपनी अपना व्यापक नेटवर्क तैयार कर चुकी है. इनका डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘कैंडेरे’ भी तेजी से अपनी जगह बना रहा है. कंपनी ने पिछले तीन सालों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी सेल्स में 32.3 फीसदी और मुनाफे में 47.2 फीसदी की ग्रोथ दर्ज की है. FY26 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 357 अरब रुपये के पार पहुंच गया. सबसे खास बात यह है कि इसी साल कंपनी ने भारत में अपना कर्ज 3,600 मिलियन रुपये तक कम किया है, जो बिजनेस के लिहाज से एक बेहद सकारात्मक संकेत है. ब्रिटेन में अपना पहला स्टोर खोलने के साथ ही कंपनी ने 129 नए शोरूम खोले हैं. आने वाले FY27 में कंपनी की नजर 150 नए शोरूम खोलने और सेमस्टोर सेल्स ग्रोथ बढ़ाने पर है.
टाटा के भरोसे के साथ विदेशी बाजार में टाइटन की धाक
टाटा ग्रुप की टाइटन कंपनी किसी परिचय की मोहताज नहीं है. तनिष्क , मिया और जोया जैसे मजबूत ब्रांड्स के दम पर टाइटन बाजार पर राज कर रही है. पिछले तीन साल में कंपनी की सेल्स 29.2 फीसदी और मुनाफा 15.7 फीसदी की दर से बढ़ा है. FY26 में कंपनी ने 761 अरब रुपये की भारीभरकम इनकम दर्ज की, वहीं शुद्ध मुनाफा 51 अरब रुपये रहा, जो FY25 में 33.3 अरब रुपये था. कंपनी अब सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशी जमीन पर भी आक्रामक विस्तार कर रही है. डमास के नेटवर्क का इस्तेमाल कर कंपनी यूएई, सऊदी अरब और कतर जैसे देशों में तनिष्क के चुनिंदा स्टोर खोल रही है. मैनेजमेंट को उम्मीद है कि FY27 में ज्वेलरी की बिक्री में 15 से 20 फीसदी की शानदार ग्रोथ देखने को मिलेगी.
छोटे शहरों से बड़ी उड़ान भर रहा सेनको गोल्ड
बाजार में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रही एक और बड़ी कंपनी सेनको गोल्ड है. पिछले तीन वर्षों में कंपनी ने अपनी बिक्री में 21.4 फीसदी और मुनाफे में 7.3 फीसदी की सालाना वृद्धि दर्ज की है. FY26 की चौथी तिमाही कंपनी के लिए बेहद शानदार रही, जिसमें रेवेन्यू 19.97 अरब रुपये और मुनाफा 1,570 मिलियन रुपये रहा. विस्तार की रणनीति के तहत, कंपनी अब महानगरों से निकलकर टियर2, टियर3 और टियर4 शहरों पर सीधा फोकस कर रही है. राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश जैसे नए इलाकों में कंपनी तेजी से अपने स्टोर खोल रही है, जिससे भविष्य में शानदार ग्रोथ की उम्मीद लगाई जा रही है.



