मुंबई। भोजपुरी सिनेमा के दर्शकों के बीच चर्चा बटोर रही ‘दुपहिया 2’ में निरहुआ यानी दिनेश लाल यादव का अभिनय एक बार फिर आकर्षण का केंद्र बनता है। फिल्म में उनका किरदार कहानी को संभालने की पूरी कोशिश करता है, लेकिन कमजोर पटकथा और कुछ खिंचे हुए हिस्से इसकी रफ्तार पर ब्रेक लगा देते हैं।

निरहुआ ने संभाली कमान

‘दुपहिया 2’ में निरहुआ अपने सहज अंदाज और संवाद अदायगी से प्रभावित करते हैं। भावनात्मक दृश्यों से लेकर हास्य वाले सीक्वेंस तक उनका अनुभव साफ नजर आता है। कई जगह ऐसा लगता है कि अगर अभिनय का सहारा न मिलता तो फिल्म की कमजोरियां और ज्यादा उभरकर सामने आतीं।

कहानी में है दम, लेकिन रफ्तार पड़ती है धीमी

फिल्म का कॉन्सेप्ट दर्शकों को जोड़ने की कोशिश करता है, लेकिन स्क्रीनप्ले हर जगह समान गति बनाए नहीं रख पाता। शुरुआती हिस्से के बाद कुछ दृश्य कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय उसे खींचते हुए महसूस होते हैं। यही वह जगह है जहां ‘दुपहिया 2’ की गाड़ी की रफ्तार कम हो जाती है।

कॉमेडी और इमोशन का मेल

फिल्म में मनोरंजन के लिए कॉमेडी के साथ भावनात्मक पलों को भी जगह दी गई है। कुछ संवाद और परिस्थितियां दर्शकों का मनोरंजन करती हैं, हालांकि हर हास्य दृश्य एक जैसा असर नहीं छोड़ता।

कहां हुआ इंजन फेल?

फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी पटकथा और असमान गति नजर आती है। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। कहानी में कई जगह बेहतर कसावट की गुंजाइश थी। अगर गैरजरूरी दृश्यों को कम करके कहानी को तेज रखा जाता, तो फिल्म का प्रभाव और मजबूत हो सकता था।

कुल मिलाकर

‘दुपहिया 2’ में निरहुआ का अभिनय फिल्म की मजबूत कड़ी है। फिल्म में मनोरंजन, कॉमेडी और इमोशन का मिश्रण मौजूद है, लेकिन स्क्रीनप्ले की कमियां इसे पूरी तरह प्रभावशाली बनने से रोकती हैं। निरहुआ के प्रशंसकों और भोजपुरी सिनेमा के दर्शकों के लिए फिल्म में कुछ खास पल जरूर हैं।