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NEET Success Story: अगर हौसला मजबूत हो और मंजिल साफ दिखाई दे, तो सीमित संसाधन भी किसी सपने की राह नहीं रोक सकते. झारखंड के बरहरवा की रहने वाली 19 वर्षीय सोनी कुमारी (Soni Kumari) ने अपनी मेहनत और लगन से इसे सच साबित कर दिखाया है. एक साधारण परिवार से आने वाली सोनी ने NEET परीक्षा में सफलता हासिल कर राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS), रांची के MBBS प्रोग्राम में प्रवेश पाया है.

उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ झिकटिया और बरहरवा इलाके में भी खुशी का माहौल है. सोनी की कहानी खास तौर पर उन विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा है, जो आर्थिक सीमाओं के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं.

पिता हैं राजमिस्त्री, मां संभालती हैं घर

सोनी चार भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर हैं. उनके पिता शिव कुमार महतो राजमिस्त्री का काम करते हैं, जबकि उनकी मां कविता देवी गृहिणी हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं होने के बावजूद सोनी ने पढ़ाई को लेकर अपना लक्ष्य कभी कमजोर नहीं पड़ने दिया. उन्होंने लगातार मेहनत करते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी और मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देखा. परिवार ने भी उनकी पढ़ाई और लक्ष्य को पूरा करने में उनका साथ दिया.

मैट्रिक में 90%, इंटर में हासिल किए 80 प्रतिशत अंक

सोनी ने अपनी शुरुआती शिक्षा अपग्रेडेड प्राइमरी स्कूल, झालदिग्घी से पूरी की. इसके बाद उन्होंने NDM गर्ल्स हाई स्कूल, बरहरवा से मैट्रिक की परीक्षा पास की. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। ब्राइट कोचिंग सेंटर के मार्गदर्शन में उन्होंने मैट्रिक में 90 प्रतिशत अंक हासिल किए. इसके बाद उन्होंने BSK कॉलेज, बरहरवा से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की और 80 प्रतिशत अंक प्राप्त किए. पढ़ाई के दौरान उनके अच्छे प्रदर्शन ने आगे की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उनका आत्मविश्वास मजबूत किया.

घर बैठे ऑनलाइन तैयारी से NEET में सफलता

सोनी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए घर से ही ऑनलाइन माध्यम का सहारा लिया. इसी दौरान उन्होंने CUET भी दिया। उनके स्कोर के आधार पर उन्हें दिल्ली कैंपस में फोरेंसिक साइंस कोर्स में प्रवेश का अवसर मिला. हालांकि, सोनी का लक्ष्य पहले से तय था. वह मेडिकल क्षेत्र में जाना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने उस अवसर के बजाय NEET की तैयारी पर अपना ध्यान केंद्रित किया. मेहनत का नतीजा सामने आया और NEET क्वालिफाई करने के बाद उन्हें RIMS रांची में MBBS में दाखिला मिल गया.

डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती हैं सोनी

सोनी अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और BSK कॉलेज के बॉटनी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर भागीरथ पंडित को देती हैं. उनका सपना भविष्य में डॉक्टर बनकर समाज और जरूरतमंद लोगों की सेवा करना है. उनके पिता बेटी की उपलब्धि से बेहद खुश हैं. उनका कहना है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद सोनी ने मेहनत के दम पर परिवार का नाम रोशन किया है.

ग्रामीण छात्रों के लिए बनीं मिसाल

सोनी कुमारी की कहानी सिर्फ NEET में सफलता की कहानी नहीं है. यह बताती है कि संसाधनों की कमी के बावजूद सही लक्ष्य, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के साथ बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है. ग्रामीण क्षेत्र के उन छात्रों के लिए सोनी की उपलब्धि एक उम्मीद है, जो डॉक्टर, इंजीनियर या किसी अन्य बड़े करियर का सपना देखते हैं.