Stock Market Crash: भारतीय शेयर में 20 प्रतिशत की गिरावट आने वाले समय में देखने को मिलेगी। ऐसा कहना है जानेमाने दिग्गज निवेशक और लेखक मार्क फेबर का। बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के अनुसार मार्क फेबर का कहना है कि भारत में गिरावट वाले सेंटीमेंट की एंट्री हो चुकी है। वो कहते हैं कि कंपनियों की कमाई आपको निराश कर सकती है। इंडियन मार्केट इस समय काफी महंगा है। ऐसे में खरीदने की शुरुआत करना ठीक नहीं होगा।

पिछले हफ्ते आई थी Barclays की रिपोर्ट
फेबर की स्टॉक मार्केट पर यह राय ऐसे वक्त पर सामने आई है जब Barclays ने पिछले हफ्ते अपनी रिपोर्ट में भारतीय शेयर बाजार को निवेशकों के द्वारा सबसे कम पसंद किया जाने वाला मार्केट बताया था। इन रिपोर्ट्स के बीच यह भी ध्यान रखना होगा कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेज बढ़ती इकनॉमी में से एक है।
मार्क फेबर का कहना है कि मौजूदा स्थिति में स्टॉक मार्केट ग्लोबल लिक्विडिटी पर निर्भर करते हैं। लिक्विडिटी बढ़ तो रही है। लेकिन यह अपनी रफ्तार की तुलना में कम गति से आगे बढ़ रही है। वो कहते हैं, ‘इनवेस्टमेंट बबल या फिर गिरावट के दौर को आमतौर पर कमाई के मौके के तौर पर देखा जाता है। लेकिन आजकल बहुत सस्ता स्टॉक मिलना काफी मुश्किल है।’
भारतीय अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़े क्या कहते हैं?
आकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि निफ्टी फॉरवर्ड अर्निग्स के 1919.5 गुना अधिक वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। इस वैल्यूएशन पर कोविड के बाद से निफ्टी को नहीं देखा गया था। बता दें, घरेलू अर्थव्यवस्था पिछले वित्त वर्ष के दौरान 7.7 प्रतिशत की रफ्तार से ग्रोथ हासिल की थी। वहीं, मार्च तिमाही के दौरान इंडियन इकनॉमी की ग्रोथ रेट 7.8 प्रतिशत थी। जोकि सरकार और रिजर्व बैंक की उम्मीद से अधिक था।
FII का हुआ मोहंभग
दिसंबर 2024 से एफआईआई की तरफ से 49 बिलियन डॉलर की निकासी हुई है। घरेलू शेयर बाजारों से एफआईआई की निकासी थम नहीं रही है। इस साल शुरुआती 5 महीने में एफआईआई ने जितनी बिक्री की है उतने का शेयर पूरे 2025 में बेचा गया था। यानी बिकवाली की रफ्तार काफी बढ़ गई है। नुवामा ने भी अपनी रिपोर्ट में भारतीय शेयर बाजार को महंगा बताया है। रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा मार्केट कैप देश की जीडीपी का 130 गुना है। जबकि 10 साल का औसतन यह 100 गुना है।


