छात्र आंदोलन पर राजनीतिक दलों के बीच श्रेय लेने की होड़ मची है, जिसमें AAP और कांग्रेस प्रमुखता से आमनेसामने हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में युवाओं की भागीदारी और पुलिस से झड़पों के बाद इसका श्रेय लेने की होड़ लग गई है। इस मामले में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस आमनेसामने आ गई हैं।
प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठे राहुल गांधी की देशभर के युवाओं से उनके साथ आने की खुली अपील को आप सांसद संजय सिंह ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को कमजोर करने की साजिश करार दिया। आंदोलन का श्रेय लेने की कोशिश में जुटी अन्य विपक्षी पार्टियों के नेता भी दोनों के बीच बंटते नजर आए।
दरअसल आंदोलनकारी युवाओं पर पुलिस की बर्बरता के आरोपों के साथ अरविंद केजरीवाल मंगलवार सुबह से आक्रामक मुद्रा में दिखे। कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च से विपक्षी दलों की गैरहाजिरी को खारिज करते हुए उन्होंने कहा” कल के प्रोटेस्ट में मेरे दोनों बच्चे सभी छात्रों के साथ कदम से कदम मिलाकर संसद मार्च कर रहे थे। जहां टीयर गैस के गोले छोड़े, वहीं मेरे बच्चे मौजूद थे।”
उन्होंने पंजाब में कुछ व्यस्तता का हवाला देते हुए खुद के प्रदर्शन में नहीं शामिल होने पर सफाई भी दी। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। केजरीवाल यहीं नहीं रुके, उन्होंने बड़ी संख्या में युवाओं को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा उठाते हुए उन्हें हर तरह की कानूनी सहायता की घोषणा कर दी। इसके लिए विशेष वाट्सएप नंबर भी जारी किया।
इसके जवाब में कांग्रेस ने भी गूगल फॉर्म जारी करते हुए कानूनी सहायता की जरूरत वाले युवाओं को कांग्रेस के साथ जानकारी साझा करने की अपील कर दी। कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने बताया कि युवाओं की मदद के लिए कांग्रेस ने एक विशेष लीगल टीम का गठन किया है।
केजरीवाल घायल युवाओं से मिलने राम मनोहर लोहिया अस्पताल भी पहुंच गए। ऐसे में संसद के भीतर और संसद परिसर में सरकार पर हमलावर कांग्रेस को जमीनी स्तर पर केजरीवाल के बढ़त लेने की आशंका हुई।
इसके तुरंत बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ अन्य कांग्रेसी नेता घायल युवाओं का हाल जानने के लिए राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंच गए। लेकिन तब तक केजरीवाल के कॉकरोच पार्टी के धरनास्थल जंतरमंतर पर पहुंचने की खबर आने लगी।
आंदोलन में सपा और आप नेता को श्रेय लेता देख राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत तमाम कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खरगे के घर से मार्च करते हुए प्रधानमंत्री के आवास के बाहर धरने पर बैठ गए।
इसके बाद राहुल गांधी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री आवास के सामने धरने में शामिल हों, मोदी सरकार की जवाबदेही तय करें जब तक छात्रोंयुवाओं को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक कांग्रेस पार्टी, हमारे नेता और हम लोग पीएम आवास के सामने से हिलने वाले नहीं हैं।”
उन्होंने एलान किया “दिन हो या रात… नरेन्द्र मोदी को बाहर आना पड़ेगा।” कांग्रेस के अन्य नेताओं ने राहुल गांधी की अपील को दोहराना शुरू कर दिया। पवन खेड़ा ने अपील करते हुए कहा “जो भी जहां है, वो यहां आए और धरने पर बैठ जाए। जब तक न्याय नहीं मिलेगा, हम नहीं हिलेंगे।”
आप ने कहा आखिर युवाओं के आंदोलन को क्यों कमजोर करना चाहती है कांग्रेस
आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस नेताओं के अलग धरने को पूरे आंदोलन को कमजोर करने की साजिश करार दिया। पार्टी नेता संजय सिंह कहा कि देश के करोड़ों युवाओं के लिए सोनल वांगचुक पिछले 23 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। जंतर मंतर पर देश का युवा आंदोलन कर रहा है। 20 जुलाई को युवाओं को बर्बरता पूर्वक पीटा गया।
कांग्रेस एक महीने से आंदोलन को गाली दे रही है, अब राहुल गांधी कह रहे हैं ” जंतर मंतर पर नहीं, हमारे धरने में शामिल हों।” संजय सिंह ने सवाल उठाया ” आखिर युवाओं के आंदोलन को क्यों कमजोर करना चाहती है कांग्रेस? जंतर मंतर के आंदोलन में शामिल होने की अपील क्यों नहीं करती कांग्रेस?”
इसके बाद आम आदमी पार्टी और कांग्रेस दोनों ओर से धर्मेंद्र प्रधान के साथसाथ गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस्तीफे की मांग की होड़ लग गई।
अखिलेश राहुल के धरने पर पहुंचे, डिंपल कल जंतरमंतर पहुंची थीं
विपक्षी दल कांग्रेस और आप, दोनों के बीच समन्वय बनाने की कोशिश करते नजर आए। पहले जंतर मंतर के धरने पर शरद पवार और सुप्रिया सुले पहुंचे थे, बाद में सुले राहुल गांधी के धरने में भी नजर आईं। राहुल गांधी के समर्थन में पहुंचे अखिलेश यादव को हिरासत में ले लिया गया। खास बात ये है कि उनकी सांसद पत्नी डिंपल यादव एक दिन पहले जंतरमंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल हुई थीं।



