OP Rajbhar Post:उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सियासी जंग शुरू हो चुकी है। इस बीच सुभासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर अखिलेश को निशाना बनाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे है। उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है।

ओपी राजभर ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए कहा कि दादरी की “फ्लॉप रैली” की बात कही। उन्होंने फ्लॉप रैली की बात कहते हुए कहा अखिलेश यादव अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख निराश और हताश हो गए हैं, इसलिए अब दूसरी रैली करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
ओपी राजभर ने अखिलेश पर साधा निशाना
उन्होंने यह भी कहा कि केवल यादव और मुस्लिम वोट या सोशल मीडिया के सहारे चुनाव नहीं जीते जा सकते। सुभासपा प्रमुख राजभर ने एक्स पर लिखा, गुड मॉर्निंग अखिलेश जी। उठिए, सुबह हो गई है। महाराज, और कितना सोएंगे? सुनिए, आज मैंने सपना देखा कि आप चुनाव तक इसी आराम वाली मुद्रा में रहेंगे। यानी, आप बस ऐसे ही सोते रहेंगे।
गुड मॉर्निंग अखिलेश जी। उठ जाइए, सुबह हो चुकी है। कितना सोयेंगे महाराज।
अच्छा सुनिए। आज मैंने सपने में देखा कि आप चुनाव तक आराम की मुद्रा में ही रहने वाले हैं। यानी ऐसे ही सोए रहेंगे।
सपने से याद आया कि दादरी की फ्लॉप रैली के बाद आपको समझ आ गया कि आपकी ज़मीन अब खोखली हो चुकी…
— Om Prakash Rajbhar July 6, 2026
उन्होंने आगे कहा कि उस सपने ने मुझे याद दिलाया कि दादरी में हुई फ्लॉप रैली के बाद आपको एहसास हो गया कि आपकी जमीन अब खोखली हो चुकी है। इसीलिए आप कोई रैली नहीं कर रहे हैं। आपके अपने ‘खासमखास’ लोग कह रहे हैं कि उस रैली का हाल देखने के बाद, आप दूसरी रैली करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। आप निराश और हताश हैं।
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यादव और मियां भाई को वोटों से काम नहीं चलेगा
उन्होंने को टैग करते हुए लिखा, उठिए, महाराज। आखिर हम आपके दोस्त हैं। हमारी दोस्ती की वजह से ही मुझे आपकी चिंता होती है। दोस्त, सिर्फ यादव और मियां भाई के वोटों से काम नहीं चलेगा। ट्विटर, ACPC भी काम नहीं आएंगे। इसलिए उठिए और जागिए मुसाफिर, सुबह हो गई है।
आपको जानकारी दें, कि सुभासपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लगातार सोशल मीडिया में समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर जमकर बरस रहे है। वे लगातार अखिलेश यादव के वोट बैंक पर निशाना साधते तो कभी उनके उठाए जा रहे राजनीतिक मुद्दों पर सवाल खड़े कर रहे है और उनके लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं।



