
मध्य प्रदेश के रतलाम से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी चकरा जाएंगे. यहां एक ज्वेलर ने पुलिस को लूट की ऐसी कहानी सुनाई कि अधिकारी भी सिर खुजाने पर मजबूर हो गए. ज्वेलर साहब ने दावा किया कि बदमाशों ने उनसे 7.5 करोड़ रुपये का सोना लूट लिया है, लेकिन जब पुलिस ने मामले की तह तक जाकर जांच की, तो पोल खुल गई. पता चला कि लूट की झूठी कहानी रचने वाले ज्वेलर ने वारदात के बाद 50 लाख रुपये के गहने अपने एक दोस्त को छिपाने के लिए दे दिए थे और फर्जी बिल तैयार कराने की जुगत में लगा था. कलयुगी ज्वैलर की रची पूरी साजिश किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है. जानिए शुरुआत से अब तक क्या हुआ?
क्या थी ज्वेलर की झूठी लूट की कहानी?
रतलाम के महलवाड़ा जैन कॉलोनी के रहने वाले ज्वेलर अर्पित चौधरी ने गुरुवार देर रात पुलिस में लूट की शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने पुलिस को बताया कि वह सोने के गहने बेचने के लिए बड़नगर गए थे और वहां से रात करीब 8:15 बजे रतलाम लौटने के लिए बस में बैठे थे. उनकी शिकायत के मुताबिक, रात करीब 9:15 बजे जब बस रैन फंटा के पास पहुंची, तो ड्राइवर के पास बैठे एक शख्स ने बस रुकवा दी. इसके बाद पीछे बैठे दो लोगों ने उनका बैग छीन लिया, जिसमें 7.5 करोड़ रुपये के सोने के गहने और 3 लाख रुपये नकद थे. ज्वेलर का कहना था कि बदमाश बैग लेकर मौके से फरार हो गए और बाद में उसने धाराड़ पहुंचकर डायल 112 पर फोन कर पुलिस को लूट की सूचना दी.
पुलिस की जांच में झूठ का पर्दाफाश
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की सूचना मिलते ही एसपी, एएसपी समेत बड़नगर व बिलपांक थाने के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गई. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। पुलिस ने डॉग स्क्वॉड की मदद से पूरे इलाके की छानबीन की, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला. लेकिन असली खेल तब सामने आया जब पुलिस को मुखबिर से खबर मिली कि अर्पित चौधरी ने धाराड़ पहुंचने के बाद अपने दोस्त विक्की अग्रवाल को फोन किया था.
पुलिस की पूछताछ में खुलासा हुआ कि अर्पित ने विक्की को सोने के गहनों से भरा एक बैग सौंप दिया था और पुलिस में शिकायत करने से पहले वह चोरी हुए सामान के फर्जी बिल और कागजात तैयार करवाने के लिए लगातार फोन कर रहा था. जब पुलिस ने विक्की अग्रवाल से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने मान लिया कि अर्पित ने उसे सुरक्षित रखने के लिए बैग दिया था. पुलिस ने विक्की के पास से 300 ग्राम से ज्यादा सोने के बिस्कुट और गहने बरामद किए, जिनकी कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है.
असली चोरी या बीमा और टैक्स की चोरी?
जांच में यह भी सामने आया कि अर्पित गुरुवार को बड़नगर 10 व्यापारियों से लेन-देन करने गया था. पुलिस ने पाया कि उसने अलग-अलग व्यापारियों को करीब 145 ग्राम सोना बेचा था. अब पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर असल में कितना सोना चोरी हुआ था या फिर ज्वेलर ने खुद ही बीमा या किसी अन्य चक्कर में 7.5 करोड़ की झूठी लूट की बड़ी कहानी गढ़ी थी. फिलहाल पुलिस ज्वेलर अर्पित और उसके दोस्त विक्की से पूछताछ कर रही है और बदमाशों के भागने के रूट को भी खंगाल रही है ताकि सच सामने आ सके.



