Cash Holdings In India: हाल के दिनों में 100 और 200 रुपये के नोटों को लेकर एक नया ट्रेंड देखने को मिला है. लोग पहले के मुकाबले अपने घरों में ज्यादा नकद पैसे रखने लगे हैं. यहां हम 5002000 की बात नहीं कर रहे हैं. देखा जा रहा है कि 100 200 जैसे छोटे नोटों की मांग बढ़ गई है. इसका मतलब ये नहीं है कि बाजार में नोटों की कोई कमी है, बल्कि कई लोग एहतियात के तौर पर अपने पास ज्यादा कैश रखना पसंद कर रहे हैं.

कैश क्यों रख रहे हैं लोग?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच लोगों ने सावधानी के तौर पर नकदी अपने पास रखना शुरू किया है. ऐसे समय में कई लोग डिजिटल पेमेंट के साथसाथ कुछ नकद राशि भी घर में रखना सुरक्षित मानते हैं. एक्सपर्ट्स की माने तो जब दुनिया में आर्थिक या भूराजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो लोग अपनी जरूरतों के लिए पहले से कैश रखने लगते हैं.

कोविड के बाद लोग हुए अलर्ट

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में लोगों के पास मौजूद नकदी में बढ़ोतरी की रफ्तार कोविड19 महामारी के बाद सबसे तेज रही है. इससे पता चलता है कि एहतियात के तौर पर कैश रखने की प्रवृत्ति फिर से बढ़ रही है. हालांकि, इसका ये बिल्कुल भी मतलब नहीं है कि बैंकिंग सिस्टम या डिजिटल भुगतान पर लोगों का भरोसा कम हुआ है. UPI और डिजिटल ट्रांजैक्शन लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन इसके साथ लोग थोड़ी नकदी भी अपने पास रखना पसंद कर रहे हैं.

क्या 100 200 की कमी है?

इस सवाल का सीधा जवाब है, नहीं. फिलहाल 100 और 200 रुपये के नोटों की कोई ऑफिशियल कमी नहीं बताई गई है. भारतीय रिजर्व बैंक और बैंकिंग सिस्टम में भरपूर करेंसी है. बढ़ती मांग का कारण सिर्फ लोगों की एहतियात के तौर पर नकदी रखने की आदत माना जा रहा है.

क्या घर में कैश रखना चाहिए?

रोज के काम और जरूरतों के लिए तो कैश रखना ही चाहिए. इसके अलावा इमरजेंसी जैसी स्थिति के लिए भी सीमित मात्रा में नकदी रखना सही रहता है. लेकिन बहुत ज्यादा कैश घर में रखना सुरक्षित नहीं माना जाता है. आप अपने पैसे बैंक अकाउंट या ऑनलाइन बैकिंग में ही रखें.