केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. जानकारी के अनुसार सितंबर के महीने में महंगाई भत्ते के ऐलान की प्रबल संभावना है. वैसे 8वें वेतन आयोग को लेकर भी बड़ा अपडेट सामने आया है. भारत सरकार द्वारा अक्टूबर 2025 में ‘टर्म्स ऑफ रेफ्रेंस’ को मंजूरी दिए जाने के बाद से 8वां वेतन आयोग लगभग आठ महीनों से काम कर रहा है.

आयोग के पास अभी भी 10 महीने का समय बाकी है. आयोग से उम्मीद है कि वह केंद्र सरकार के लगभग 55 लाख सेवारत कर्मचारियों और अनुमानित 69 लाख पेंशनभोगियों के वेतन, पेंशन और भत्तों में बदलाव की सिफारिश करेगा. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर महंगाई भत्ते को लेकर किस तरह का अपडेट सामने आया है.
सितंबर में DA की संभावना
केंद्र सरकार एक कैलेंडर वर्ष में दो बार महंगाई भत्ता घोषित करती है. 18 अप्रैल, 2026 की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, जनवरी 2026 के लिए DA और महंगाई राहत में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे कुल दर 60 प्रतिशत हो गई.
ऑल इंडिया NPS एम्प्लॉईज फेडरेशन के अध्यक्ष मंजीत सिंह पटेल ने महंगाई भत्ते की दूसरी किस्त की सरकारी घोषणा के सामान्य समय के बारे में पूछे जाने पर कहा कि महंगाई भत्ते की घोषणा आमतौर पर सितंबर में की जाती है, हालांकि कुछ वर्षों में घोषणा में अक्टूबर तक की देरी हो सकती है.
सिंह बताते हैं कि ऐसा इसलिए है क्योंकि महंगाई भत्ता तय करने के लिए सरकार को कम से कम दो महीने के डेटा की जरूरत होती है. जुलाई से दिसंबर तक लागू होने वाले DA का फैसला करने के लिए केवल जुलाई के डेटा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. इसलिए, सरकार दो से तीन महीने के डेटा पर आधारित औसत चार्ट का इस्तेमाल करती है.
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते की कैलकुलेशन लेबर ब्यूरो द्वारा जारी ‘ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स’ डेटा के आधार पर की जाती है. अप्रैल 2026 के लिए पिछला AICPIIW 0.8 अंक बढ़कर 149.9 हो गया. केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए जुलाई 2026 की DA दर ब्यूरो द्वारा जारी मई और जून 2026 के AICPIIW डेटा पर निर्भर करेगी.
8वें CPC को ज्ञापन सौंपने की समयसीमा समाप्त
8वें CPC को ज्ञापन सौंपने की आखिरी तारीख 15 जून, 2026 थी. आयोग ने सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की विभिन्न श्रेणियों के लिए वेतन, भत्ते और पेंशन स्ट्रक्चर की सिफारिश करने के लिए अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ज्ञापन जमा करने की सुविधा शुरू की थी.
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के यूनियनों और संगठनों ने 8वें CPC के सामने अपनी बात रखते हुए मुख्य रूप से सैलरी, पेंशन और रिटायरमेंट के फायदों को बेहतर बनाने पर जोर दिया है. उनकी मुख्य मांगों में फिटमेंट फ़ैक्टर बढ़ाना और कम से कम बेसिक पे में अच्छीखासी बढ़ोतरी शामिल है.
कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू करने या NPS/UPS फ्रेमवर्क की समीक्षा करने की भी मांग की है. इसके अलावा, वे HRA, रिस्क पे, बोनस, छुट्टी से जुड़े फायदे और नौकरी से जुड़ी दूसरी सुविधाओं में सुधार चाहते हैं.
सिंह ने कहा कि 15 जून को मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही, 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत का एक अहम चरण पूरा कर लिया है. उम्मीद है कि आयोग कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, न्यायिक अधिकारियों और अन्य स्टेकहोल्डर्स से मिले सुझावों की अच्छी तरह से जांच करेगा और अपनी बाकी चर्चाओं को तेजी से पूरा करेगा.
8वें CPC के राज्यों के आगामी दौरे
इस बीच, 8वें CPC का राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा जारी है. आयोग ने उत्तर प्रदेश में लखनऊ, ओडिशा में भुवनेश्वर और पश्चिम बंगाल में कोलकाता का दौरा करने की घोषणा की है. उत्तर प्रदेश में बैठक 2223 जून, ओडिशा में 67 जुलाई और कोलकाता में 910 जुलाई के लिए तय की गई है. आयोग ने हाल ही में दिल्ली, लद्दाख, जम्मूकश्मीर, हैदराबाद, तेलंगाना और महाराष्ट्र में स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत पूरी की है. आयोग ने उत्तराखंड स्थित कर्मचारी संगठनों के साथ अपनी पहली बातचीत 26 अप्रैल, 2026 को की थी.



