
Beautician Anita Choudhary Murder Case: अपराध की दुनिया में न जाने ऐसे कितने मामले सामने चुके हैं जहां सिर्फ लालच में मासूम और बेगुनाहों की जान ली गई. कुछ किस्से आज भी लोगों के दिलोंदिमाग पर छपे हुए हैं और हर किसी पर विश्वास करने से बचने की प्रेरणा देते हैं. ऐसा ही एक मामला था राजस्थान के जोधपुर की जानी-मानी ब्यूटीशियन अनीता चौधरी की हत्या का. यह वारदात किसी आम रंजिश में नहीं, बल्कि एक बेहद शातिराना अंदाज में की गई थी. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। मुख्य आरोपी गुलामउद्दीन ने खुद को ‘अंकल’ बताकर फोन पर प्रॉपर्टी डील का झांसा दिया और ब्यूटीशियन अनीता को गंगाना इलाके में अपने जाल में फंसाकर बुलाया गया था. इसके बाद उसने बड़ी चालाकी से उसे नींद की गोलियां खिलाईं, गहने लूटे और जब वह पूरी तरह अचेत हो गई, तो हथौड़े से उसका कत्ल कर दिया. हत्या के बाद भी इस साइको किलर की दरिंदगी नहीं रुकी, उसने चाकुओं से शव को छह टुकड़ों में काटा और अपने घर के बाहर ही गड्ढा खोदकर दफना दिया. इस मामले में पुलिस जांच के बाद सीबीआई (CBI) की भी एंट्री हुई थी, जहां 10 लाख की सुपारी से लेकर कॉल डिटेल्स और संपत्ति विवाद जैसे कई अनसुलझे रहस्यों से पर्दा उठाया गया. जानिए जोधपुर के इस रूह कंपा देने वाले अनीता चौधरी मर्डर मिस्ट्री की पूरी कहानी.
अंकल बनकर फोन पर बुलाया, नींद की गोलियां देकर उतारा मौत के घाट
पुलिस और जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी गुलामउद्दीन एक साइको किलर की तरह बर्ताव कर रहा था। वह अनीता चौधरी से फोन पर ‘अंकल’ बनकर बात करता था और उसे राजस्थानी ड्रेस पहनने के लिए भी कहता था क्योंकि उसे वे पसंद थीं। 27 अक्टूबर 2024 की रात गुलामउद्दीन ने शरबत में भारी मात्रा में नींद की गोलियां मिलाकर अनीता को दे दीं, जिससे वह गहरी नींद में सो गई। इसके बाद आरोपी ने उसका मंगलसूत्र और तीन अंगूठियां उतार लीं। अगली सुबह यानी 28 अक्टूबर को जब वह बेसुध थी, तो आरोपी ने हथौड़े से वार कर उसकी हत्या कर दी। हद तो तब हो गई जब हत्या के ठीक बाद आरोपी घर के पास बैठकर इत्मीनान से कपड़े प्रेस करने लगा क्योंकि उसे दिवाली पर लोगों को कपड़े देने थे। इसके बाद उसने जेसीबी से गड्ढा खुदवाया, बाजार से नया चाकू लाकर शव के टुकड़े किए और एक मजदूर को 500 रुपये देकर गड्ढा भरवा दिया और खुद मुंबई फरार हो गया।
CCTV में खुलासा, घर के आंगन में दफनाई लाश
अनीता चौधरी के पति मनमोहन चौधरी ने 27 अक्टूबर को ही सरदारपुरा थाने में अपनी पत्नी के लापता होने की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो गुलामउद्दीन पर शक गहराया। पुलिस जब आरोपी के घर पहुंची तो उसकी पत्नी आबिदा ने पहले तो टालमटोल की, लेकिन जब पुलिस को गुलामउद्दीन के गुजरात भागने की भनक लगी तो सख्ती से पूछताछ के बाद 29 अक्टूबर की रात उसके घर के बाहर से अनीता का शव छह टुकड़ों में बरामद कर लिया गया। इस घटना के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने लंबी कानूनी व प्रशासनिक लड़ाइयां लड़ीं। यहां तक कि परिवार के असहयोग के चलते 13 दिन बाद मेडिकल बोर्ड से अनीता का पोस्टमार्टम कराया गया, जिससे इस हत्याकांड की हर एक परत दुनिया के सामने खुलने लगी।
10 लाख की सुपारी, प्रॉपर्टी विवाद और सीबीआई जांच
इस मामले में शुरुआत से ही पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठते रहे हैं और मृतका के परिवार ने इसे महज लूट के लिए हत्या मानने से इनकार कर दिया था। परिवार का आरोप है कि इस हत्याकांड के पीछे 10 लाख रुपये की सुपारी का हाथ है, जिसमें प्रॉपर्टी डीलर तय्यब अंसारी और अनिता की सहेली सुनीता उर्फ सुमन की भूमिका पर गंभीर संदेह जताया गया है। मृतका के पति मनमोहन चौधरी ने अदालत को बताया कि 2010 से ही तय्यब अंसारी के साथ प्रॉपर्टी के पैसों का लेन-देन चल रहा था और पाली-रोहट क्षेत्र में एक बड़ी जमीन की डील को लेकर विवाद था.
मृतका की बहन ने बताया था कि घटना वाले दिन अनीता ने कहा था कि वह सुमन के साथ है, जबकि सुमन खुद पति मनमोहन को फोन करके अनीता के बारे में पूछने का नाटक कर रही थी. इस मामले में सीबीआई ने संपत्ति व्यापारी तैयब अंसारी और अनीता की सहेली सुनीता को आरोपी बनाया. गुलामुद्दीन फारूकी का भी नाम था लेकिन उसकी पत्नी आबिदा परवीन का नाम हटा दिया गया. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हत्या की धाराओं के अलावा, सीबीआई ने तीनों आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 87 के तहत मामला दर्ज किया है, जो जबरन शादी या अवैध यौन संबंधों के लिए महिला के अपहरण से संबंधित है.



