Pune Murder Case: केतन अग्रवाल मर्डर केस ने राजा रघुवंशी हत्याकांड की याद ताजा कर दी है. सोनम की तरह सिया गोयल ने भी अपने मंगेतर केतन को मौत के घाट उतार दिया. पुणे के लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान जो हुआ, वह शुरू में हादसा लग रहा था. मगर यह हादसा नहीं हत्या थी. यह मामला असल में जिद, प्लानिंग और बारबार हत्या की नाकाम कोशिशों की एक डरावनी कहानी है.

पुलिस की मानें तो 26 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने उसे मारने की कई बार कोशिश की. आखिरकार 18 जून को लोहागढ़ किले में उसे खाई में धकेलकर वे अपने मकसद कामयाब हो गए. ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के मुताबिक, जांचकर्ताओं का कहना है सिया और उसका बॉयफ्रेंड…दोनों सही वक्त, हालात और जगह की तलाश में थे. जब चीजें योजना के मुताबिक नहीं हुईं तो उन्होंने पिछली कोशिशें छोड़ दीं. चलिए जानते हैं कि केतन को मारने की कितनी बार और कैसी कोशिशें हुईं?
पहली कोशिश: ‘सांप’ का बहाना
पुलिस और केतन के परिवार के बयानों के मुताबिक, पहली कोशिश 31 मई को लोहागढ़ किले की पिछली यात्रा के दौरान हुई थी. टीओआई की रिपोर्ट की मानें तो जांचकर्ताओं ने बताया कि सिया ने कथित तौर पर केतन को चट्टान के किनारे धकेल दिया था. हालांकि, योजना तब नाकाम हो गई जब उसने पास की एक झाड़ी पकड़ ली और गिरने से बच गया. अपने क्राइम को छिपाने के लिए सिया ने सांप का बहाना बनाया था. उसने कथित तौर पर अपने मंगेतर केतन से कहा कि उसने उसे सांप से बचाने के लिए धकेला था. क्योंकि केतन को उससे प्यार हो चुका था, इसलिए उसने अपनी मंगेतर सिया की यह बात मान ली और उसे कोई शक नहीं हुआ.
दूसरी कोशिश: मां ने बचाया
पुलिस का कहना है कि केतन को मारने की एक और कोशिश हुई. जी हां, 4 जून को एक और कोशिश नाकाम रही, जब केतन की मां ने उसे दोबारा किले पर जाने से मना कर दिया. मां अभी 31 मई की घटना के सदमे से उबर नहीं पाई थीं. इसलिए उन्होंने केतन को जाने से मना कर दिया.
बाली की वह यात्रा जो कभी नहीं हो पाई
केतन को रास्ते से हटाने की दोनों की कोशिशों के बीच परिवार ने बताया कि मृतक के पासपोर्ट से जुड़ी एक घटना ने उन्हें शक में डाल दिया. केतन और सिया को 6 जून को अपनी शादी से पहले के फोटोशूट के लिए बाली जाना था. हालांकि, केतन का पासपोर्ट खो जाने के बाद यात्रा अचानक रद्द कर दी गई. सिया का दावा था कि उसने इसे कहीं रख दिया था और भूल गई थी. इस कपल को सिया के भाईबहनों के साथ यात्रा रद्द करनी पड़ी. जांच के दौरान पुलिस इस नतीजे पर पहुंची कि सिया ने कथित तौर पर यात्रा को रोकने के लिए पासपोर्ट छिपा दिया था या नष्ट कर दिया था.
कोशिश 3: लोहागढ़ जाने की एक और नाकाम कोशिश
पुलिस का कहना है कि आरोपी 14 जून को केतन को मारने के मकसद से एक बार फिर लोहागढ़ किले गए. लेकिन रविवार होने की वजह से उस मशहूर जगह पर बहुत अधिक भीड़ थी. इसलिए उन्हें अपना प्लान छोड़ना पड़ा. मगर चार दिन बाद, सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को लगा कि सही समय आ गया है.
सिया ने अपने मंगेतर केतन को फिर से लोहागढ़ किला जाने के लिए मनाया. कहा जाता है कि उसने अपना जन्मदिन मनाने का बहाना बनाया था. केतन ने किसी रिज़ॉर्ट में जश्न मनाने का प्लान बनाया था, लेकिन सिया किले जाने पर अड़ी रही और उसे मनाने के लिए केतन के परिवार की भी मदद ली.
सियाचेतन ने केतन को कैसे मारा?
इस मामले की जांच करने वालों का कहना है कि सिया का प्रेमी चेतन अलग से किले तक गया और सियाकेतन का पीछा किया. बाद में सीसीटीवी फुटेज में गर्मी के बावजूद हुडी पहने एक आदमी को उनका पीछा करते हुए देखा गया. इसी सुराग से जांच करने वालों को साजिश का पता चला. पुलिस का कहना है कि हुडी में चेतन चौधरी ही था. पुलिस का आरोप है कि जब तीनों एक सुनसान जगह पर पहुंचे तो केतन पर हमला किया गया और उसे सैकड़ों फीट गहरी खाई में धकेल दिया गया.
शक की वजह
शुरू में इस मामले को एक्सीडेंटल डेथ के तौर पर दर्ज किया गया था. क्योंकि सिया ने पुलिस को बताया था कि तस्वीरें लेते समय केतन का पैर फिसल गया था. लेकिन केतन के परिवार ने इस बात को मानने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा कि केतन एक अनुभवी ट्रेकर था और सवाल उठाया कि ऐसा गिरना कैसे हो सकता है. उनके जोर देने पर मामले की गहराई से जांच हुई, जिससे आखिरकार सिया और चेतन के कथित रिश्ते और मौत से जुड़ी घटनाओं का पता चला.



