दुनियाभर के तेल बाजार की नजर ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर संभावित समझौते पर है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर असर दिखाई दे रहा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पश्चिम एशिया का बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है. यहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और दूसरे ऊर्जा उत्पादों की आवाजाही होती है. अगर यह रास्ता पूरी तरह खुलता है और तेल की सप्लाई सामान्य होती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम हो सकता है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम फिलहाल स्थिर हैं. यानी ग्राहकों को अभी राहत मिली हुई है और अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार की हलचल का सीधा असर पेट्रोल पंप पर नहीं दिख रहा है. अगर ईरानओमान के बीच समझौता होता है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल की आवाजाही सामान्य होती है, तो वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ सकती है. इससे आने वाले समय में तेल की कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना है.
पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में बदलाव कब होगा, यह तेल कंपनियों के अगले फैसले पर निर्भर करेगा. फिलहाल 8 अगस्त को देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं.
| नई दिल्ली | ₹102.12 | ₹95.20 |
| मुंबई | ₹111.21 | ₹97.83 |
| कोलकाता | ₹113.50 | ₹99.82 |
| चेन्नई | ₹107.77 | ₹99.55 |
| गुरुग्राम | ₹102.97 | ₹95.64 |
| नोएडा | ₹101.89 | ₹95.37 |
| लखनऊ | ₹103.06 | ₹96.43 |
| पटना | ₹114.36 | ₹100.31 |
| चंडीगढ़ | ₹101.54 | ₹89.47 |
| जयपुर | ₹112.69 | ₹97.78 |
कब हुई आखिरी बार कीमत कटौती?
भारत में सरकारी तेल कंपनियां यानी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमत तय करती हैं. फिलहाल घरेलू बाजार में ग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले उतारचढ़ाव का सीधा असर नहीं झेलना पड़ रहा है. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। देश में पेट्रोल और डीजल की आखिरी बड़ी कीमत कटौती 25 मई को हुई थी. इसके बाद से बड़े शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.
कच्चे तेल की कीमतों पर ईरानओमान डील का असर
शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.3 फीसदी बढ़कर 83.55 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गई. वहीं, अमेरिकी WTI क्रूड 0.3 फीसदी गिरकर 77.06 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. हालांकि, ब्रेंट क्रूड लगातार तीसरे हफ्ते साप्ताहिक आधार पर गिरावट के साथ बंद हुआ. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत को लेकर उम्मीद जता चुके हैं. ट्रंप ने यह भी उम्मीद जताई कि अगर बातचीत सफल होती है और स्थिति सामान्य होती है तो ईंधन की कीमतों में गिरावट आ सकती है.



