मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का गर्मजोशीपूर्वक स्वागत किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया और राज्य के मुद्दे पर गंभीरतापूर्वक चर्चा भी की.

चंडीगढ़ में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत… भगवंत मान ने की मुलाकात, पंजाब के मुद्दों पर खास चर्चा

चंडीगढ़ पहुंचने पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का गर्मजोशी से स्वागत किया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति को फूलों का गुलदस्ता भेंट किया और राज्य की ओर से सम्मानपूर्वक उनका अभिनंदन किया. इस बैठक में दोनों नेताओं ने पंजाब राज्य की वर्तमान स्थिति, जन कल्याण कार्यों और देश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर और सार्थक चर्चा की. इस उच्चस्तरीय बैठक की तस्वीरें आम आदमी पार्टी पंजाब ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर साझा की हैं.

राष्ट्रपति 3 दिवसीय हिमाचल प्रदेश यात्रा पर रवाना

दरअसल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू हिमाचल प्रदेश के तीन दिवसीय आधिकारिक दौरे पर हैं. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। वे बिलासपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान (एआईआईएमएस) के प्रथम दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी. इस ऐतिहासिक अवसर पर राष्ट्रपति संस्थान के 91 मेधावी डॉक्टरों और पैरामेडिकल छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपाधियाँ प्रदान करके सम्मानित करेंगी.

जनवरी में स्वागत समारोह में शामिल नहीं हो सके

इससे पहले जनवरी 2026 में, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अमृतसर के पवित्र शहर में गुरु नानक देव विश्वविद्यालय (जीएनडीयू) के 50वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचीं और छात्रों को उपाधियां वितरित कीं, तब मुख्यमंत्री भगवंत मान औपचारिक रूप से उनका स्वागत करने के लिए उपस्थित नहीं हो सके थे. उस समय, मुख्यमंत्री को सिखों के सर्वोच्च धार्मिक निकाय, श्री अकाल तक़्त साहिब के समक्ष उपस्थित होना था.

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को श्री अकाल तक़्त साहिब द्वारा सिख परंपराओं, शिष्टाचार और धार्मिक मान्यताओं से संबंधित कुछ कथित बयानों पर अपना पक्ष रखने और स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया गया था. पंथिक परंपराओं और सर्वोच्च प्राधिकारी के आदेशों का सम्मान करते हुए, मुख्यमंत्री ने निर्धारित समय पर अकाल तक़्त साहिब के समक्ष उपस्थित होने का निर्णय लिया था, जिसके कारण वे जनवरी में राष्ट्रपति के स्वागत समारोह में शामिल नहीं हो सके.