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सूरत में रहने वाले 26 साल के शिव शंकर ने हाल ही में रिलीज हुई थ्रिलर फिल्म ‘दृश्यम 3’ देखी थी. फिल्म में क्राइम छुपाने के तौर-तरीकों से प्रभावित होकर उसने अपने पिता की हत्या की एक खौफनाक साजिश रची. जमीन विवाद और आपसी तनाव के चलते उसने अपने ही पिता रघुवीर साहनी को मौत के घाट उतारने का प्लान बनाया, जो बिहार के समस्तीपुर जिले के दारवा गांव के रहने वाले थे. शिव शंकर ने पकड़े न जाने के लिए अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया और सूरत से लगभग 2,000 किलोमीटर का सफर तय करके बिहार पहुंचा. रात के वक्त घर के पिछले दरवाजे से अंदर घुसकर उसने सोते हुए पिता पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया और फरार हो गया. उसे लगा कि वह पुलिस और कानून को पूरी तरह से चकमा देने में कामयाब हो गया है, लेकिन उसकी एक छोटी सी गलती ने उसकी पूरी प्लानिंग पर पानी फेर दिया और पुलिस ने उसे आसानी से धर दबोचा.

सूरत से समस्तीपुर तक का खौफनाक सफर

शिव शंकर और उसके पिता के बीच रिश्ते काफी समय से खराब चल रहे थे. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। परिवार की जमीन की बिक्री को लेकर उनके बीच अक्सर झगड़े होते थे. सूरत में अपनी पत्नी के साथ काम करने वाले शिव शंकर के मन में पिता के प्रति गुस्सा इस हद तक भर गया था कि उसने थिएटर में ‘दृश्यम 3’ देखने के बाद खूनी रास्ता चुन लिया. यात्रा शुरू करने से पहले ही उसने अपना फोन स्विच ऑफ कर दिया ताकि कोई डिजिटल ट्रेल न छूटे. वह ट्रेन और ऑटो से होते हुए समस्तीपुर के पटोरी पहुंचा और फिर पैदल चलकर अपने गांव पहुंचा. आधी रात को घर में घुसकर उसने इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया.

एक फोन कॉल ने खोल दी सारी पोल

अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी क्यों न कर ले, कानून के हाथ लंबे होते ही हैं. वारदात को अंजाम देने के बाद शिव शंकर वापस सूरत लौटने के लिए पatori रेलवे स्टेशन पहुंचा. वहां उसने अपनी पत्नी से बात करने के लिए कुछ ही पलों के लिए अपना मोबाइल फोन ऑन किया और फिर तुरंत बंद कर दिया. यही एक छोटी सी गलती पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गई. पुलिस और टेक्निकल सर्विलांस टीम ने कॉल रिकॉर्ड्स और लोकेशन ट्रेस करके आरोपी को पकड़ लिया.

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी, पूछताछ का खुलासा

शिव शंकर अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुआ, जिससे पुलिस का शक उस पर और गहरा हो गया. पुलिस ने जब तकनीकी साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स की जांच की, तो पता चला कि उसका फोन घटना के वक्त पटोरी स्टेशन पर एक्टिव था और फिर 36 घंटे बाद सूरत में दिखाई दिया. पुलिस ने तुरंत सूरत में जाल बिछाया और उसे गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि उसने फिल्म से प्रेरित होकर ही इस मर्डर की पूरी साजिश रची थी.