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Meerut Murder Case: सौरभ मर्डर केस एक ऐसा हत्याकांड है जिसने हर किसी को बुरी तरह खौफ में डाल दिया. इस एक मामले ने पुरुष समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया.  जी हाँ! बता दें कि इस हत्याकांड में मुस्कान ने अपने पति को मौत के घाट उतारा और नीले ड्रम में सिमेंट के साथ गाढ़ दिया. मर्डर के अगले दिन यानी 4 मार्च को मुस्कान और साहिल हिमाचल घूमने गए थे. वहां से 17 मार्च को लौटने के बाद 18 मार्च को सौरभ के मर्डर का पता तब चला जब बेटी पीहू ने अपने पिता से बात करने की ज़िद की. बता दें कि मुस्कान टूट गई और एक ड्रम की तरफ इशारा करते हुए उसने कहा कि उसके पिता उसमें हैं. पीहू ने यह बात अपनी दादी को बताई.

ऐसे हुई थी दोनों की शादी

बता दें कि साथ रहने की ज़िद में उन्होंने अपने घरवालों से भी बगावत कर दी. नवंबर 2016 में जब नाबालिग मुस्कान रात में सौरभ के पास जाने के लिए घर से निकली, तो उसकी मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसने उसे किडनैप कर लिया है. इतना ही नहीं, इसके बाद सौरभ उसे दिल्ली ले गया. दस दिन बाद पुलिस ने उन्हें बरामद कर लिया. सौरभ की मां रेणु देवी ने बताया कि घरवालों ने मुस्कान के बालिग होने का इंतज़ार किया. इसके बाद उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली. 2019 में मुस्कान की ज़िंदगी में स्कूल का साथी साहिल आता है और सब कुछ बिखर जाता है. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। जेल में साहिल कैदी नंबर 395 और मुस्कान कैदी नंबर 396: कोर्ट से मौत की सज़ा मिलने के बाद, जिला जेल में साहिल शुक्ला और मुस्कान रस्तोगी की पहचान बदल गई है.

दोनों को सुनाई गई मौत की सजा

साहिल को जेल में कैदी नंबर 395 और मुस्कान को कैदी नंबर 396 के नाम से जाना जाएगा. जल्द ही दोनों को सेंट्रल जेल में भेज दिया जाएगा. जेल सुपरिटेंडेंट वीरेश राज शर्मा ने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सजा सुनते ही साहिल और मुस्कान फूट-फूटकर रोने लगे. दोनों को उम्मीद है कि कोर्ट उनके मामले में सही फैसला लेगा. उन्होंने कहा कि वे निचली अदालत के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देंगे. इस मामले में पुलिस ने 64 दिनों तक जांच की और 22 लोगों की गवाही दर्ज की. जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर कोर्ट ने दोनों को मौत की सजा सुनाई.