उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत तेज हो गई है. कांग्रेस ने गठबंधन में 172 विधानसभा सीटों पर अपनी दावेदारी पेश की है. पार्टी ने इन सीटों की सूची चार कैटेगरी में बांटकर समाजवादी पार्टी को भेजी है. सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस की पहली प्राथमिकता A कैटेगरी में रखी गई 75 सीटें हैं, जिन्हें पार्टी किसी भी हालत में अपने खाते में चाहती है.

कांग्रेस की इस मांग में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई सीटें शामिल हैं. सूत्रों का कहना है कि इन सीटों पर मुस्लिम और दलित मतदाताओं की अच्छीखासी संख्या है. सहारनपुर की सभी विधानसभा सीटों के अलावा मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, मेरठ, अमरोहा और संभल जैसे जिलों की मुस्लिम बहुल सीटों पर कांग्रेस ने दावा किया है. इसके साथ ही कांग्रेस ने रायबरेली और अमेठी की सभी सीटों पर अपना दावा ठोंका है.
पश्चिमी यूपी की सीटों पर कांग्रेस की खास नजर
सीट बंटवारे की बातचीत में पश्चिमी उत्तर प्रदेश कांग्रेस की प्राथमिकता में नजर आ रहा है. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। पार्टी का जोर उन सीटों पर है, जहां उसका मानना है कि गठबंधन के तहत उसे बेहतर राजनीतिक अवसर मिल सकते हैं. A कैटेगरी में शामिल 75 सीटों को लेकर कांग्रेस का रुख सख्त बताया जा रहा है. कांग्रेस की इसी मांग के मद्देनजर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के रामपुर दौरे को भी अहम माना जा रहा है.
अखिलेश यादव गुरुवार को आजम खान से मुलाकात करने रामपुर पहुंचे थे. सूत्रों के मुताबिक, इस मुलाकात में पश्चिमी यूपी के सियासी समीकरणों और कांग्रेस को दी जाने वाली सीटों पर भी चर्चा हुई. सूत्रों का दावा है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को 12 से 14 सीटें देने पर सहमति बनी है.
सपा 50 से 60 सीटें देने के पक्ष में
दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी कांग्रेस की 172 सीटों की मांग के मुकाबले उसे 50 से 60 सीटें देने के पक्ष में बताई जा रही है. गठबंधन की बातचीत में शामिल सपा के एक नेता के मुताबिक, पार्टी कांग्रेस को इतनी सीटें देने के विकल्प पर विचार कर रही है. इनमें अवध और बुंदेलखंड की सीटों की संख्या अधिक रहने की संभावना है.
इससे साफ है कि दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या और क्षेत्रों के चयन को लेकर बातचीत अभी जारी है. कांग्रेस जहां अपनी प्राथमिकता वाली सीटों को सुरक्षित करना चाहती है, वहीं सपा सीटों का बंटवारा अपने चुनावी आकलन के हिसाब से करना चाहती है.
रायबरेलीअमेठी पर भी पेच
रायबरेली और अमेठी की विधानसभा सीटों को लेकर भी दोनों दलों के बीच खींचतान है. कांग्रेस इन दोनों जिलों की सभी विधानसभा सीटों पर दावा कर रही है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी प्रत्येक जिले में कांग्रेस को दोदो सीटें देने के पक्ष में है. रायबरेली और अमेठी कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र रहे हैं. रायबरेली से खुद राहुल गांधी सांसद हैं, जबकि अमेठी से किशोरी लाल शर्मा सांसद हैं.
अब सपा की फाइनल लिस्ट का इंतजार
कांग्रेस अपनी ओर से 172 सीटों की दावेदारी वाली सूची समाजवादी पार्टी को भेज चुकी है. सूत्रों के मुताबिक, अब सपा की ओर से सीटों की अपनी अंतिम सूची कांग्रेस को भेजी जाएगी. इसके बाद दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या और अलगअलग क्षेत्रों में दावेदारी को लेकर तस्वीर साफ हो सकती है.



