Flipkart से ऑनलाइन युवती ने खरीदी साड़ी, बैंक अकाउंट से उड़े ₹99518

इटावा: ऑनलाइन शॉपिंग के दौर में जरा-सी चूक आपकी जिंदगी भर की कमाई पर भारी पड़ सकती है. इटावा में फ्लिपकार्ट से साड़ी मंगाना एक युवती को इतना महंगा पड़ा कि उसके बैंक खाते से पांच बार में 99 हजार 518 रुपये निकाल लिए गए. आरोप है कि साड़ी वापस करने की कोशिश के दौरान साइबर ठगों ने युवती को अपने जाल में फंसाया और मोबाइल की स्क्रीन शेयर कराकर खाते में सेंध लगा दी.

सबसे दुखद बात ये है कि ठगी का शिकार हुई युवती के परिवार ने ये रकम उसकी शादी और घर में समर लगवाने के लिए जमा की थी. खाते में बैलेंस शून्य देखकर युवती के होश उड़ गए. पिता-पुत्री बैंक पहुंचे, लेकिन तब तक बैंक बंद हो चुका था. अब परिवार अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए पुलिस प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा है.
मामला इटावा के लवेदी थाना क्षेत्र का बसैयाहार गांव का है. जहां की रहने वाली आकांक्षा ने फ्लिपकार्ट से ऑनलाइन साड़ी मंगाई थी. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। साड़ी पसंद नहीं आई तो उसने उसे वापस करने के लिए रिक्वेस्ट डाल दी. लेकिन आरोप है कि इसी दौरान आए एक फोन कॉल ने उसे साइबर ठगों के जाल में फंसा दिया.

कॉल करने वाले शख्स ने युवती को अपनी बातों में उलझाया और मोबाइल की स्क्रीन शेयर कराकर गिफ्ट कार्ड का कूपन खुलवाया. इसके बाद युवती के सेंट्रल बैंक खाते से यूपीआई और गिफ्ट कार्ड के जरिए पांच बार में कुल 99 हजार 518 रुपये निकल गए.

जिस ऑनलाइन खरीदारी को युवती ने अपनी जरूरत पूरी करने का जरिया समझा था, वही उसके परिवार के लिए बड़ी आर्थिक मुसीबत बन गई. पीड़िता आकांक्षा के मुताबिक, वह सुबह से ही साइबर ठगों के संपर्क में थी. बाद में जब उसने यूपीआई के जरिए अपने खाते का बैलेंस चेक किया तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई.

खाते में जमा रकम गायब थी और बैलेंस शून्य नजर आया. घबराई युवती ने तत्काल अपने पिता को इसकी जानकारी दी. इसके बाद पिता-पुत्री लखना स्थित सेंट्रल बैंक पहुंचे, लेकिन तब तक बैंक बंद हो चुका था.

खाते से रकम निकलने के बाद परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर उनकी मेहनत की कमाई वापस कैसे मिलेगी? साइबर ठगी की इस घटना ने परिवार की चिंता और बढ़ा दी है. पीड़िता के पिता हेतराम का कहना है कि उन्होंने बेटी की शादी और घर में समर लगवाने के लिए करीब एक लाख रुपये जमा किए थे.

परिवार के मुताबिक, ये रकम उनकी वर्षों की मेहनत की कमाई थी. बेटी के भविष्य और घर की जरूरतों के लिए बचाकर रखे गए पैसे एक झटके में खाते से निकल गए. अब पिता-पुत्री ठगी की रकम वापस दिलाने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

इस मामले में लवेदी थाना प्रभारी गौरव कुमार का कहना है कि पीड़ित परिवार अभी तक शिकायत लेकर थाने नहीं पहुंचा है. शिकायत मिलने पर साइबर अपराध से संबंधित प्रक्रिया पूरी कराते हुए मामले की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. हालांकि, परिवार के लिए फिलहाल सबसे बड़ी चिंता अपनी जमा पूंजी वापस पाने की है.
ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान सामान वापस करने की प्रक्रिया में किसी अनजान कॉल पर भरोसा करना कितना भारी पड़ सकता है, इटावा की आकांक्षा के साथ हुई कथित साइबर ठगी इसका उदाहरण है. साड़ी लौटाने के चक्कर में परिवार की करीब एक लाख रुपये की जमा पूंजी खाते से निकल गई. ऐसे में जरूरी है कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन शेयर न करें, संदिग्ध लिंक न खोलें और बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें.