कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने इस महीने सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज प्रोजेक्ट के तहत अपने सभी सदस्यों का डेटाबेस एक केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित करने का काम पूरा कर लिया है. श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के मुताबिक, इससे EPFO की सेवाएं पहले से ज्यादा तेज, पारदर्शी और सदस्यकेंद्रित बनेंगी.

पिछले सप्ताह केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि EPFO ने अपने सभी सदस्य रिकॉर्ड को नए केंद्रीय डेटाबेस में सफलतापूर्वक स्थानांतरित कर दिया है. इससे देशभर में PF और पेंशन से जुड़ी सेवाओं में बड़ा बदलाव आएगा.

क्या है CITES प्रोजेक्ट?

CITES का उद्देश्य EPFO की सेवाओं को आधुनिक बनाना है. इसके तहत ऑटोमेशन और नियमआधारित सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है.

पहले हर क्षेत्रीय EPFO कार्यालय का अपना अलग डेटाबेस होता था. अब सभी सदस्यों का डेटा एक ही राष्ट्रीय डेटाबेस में उपलब्ध रहेगा. इससे किसी भी अधिकृत EPFO कार्यालय से देशभर के सदस्यों के अनुरोधों का निपटारा किया जा सकेगा.अब सदस्यों को PF या पेंशन क्लेम के लिए अपने क्षेत्रीय कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.

EPFO सदस्यों को मिलेंगे ये बड़े फायदे

क्लेम का पैसा जल्दी मिलेगा

अब PF क्लेम का भुगतान केंद्रीकृत भुगतान प्रणाली के जरिए किया जाएगा. पैसा तेज और सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सीधे सदस्य के बैंक खाते में उसी दिन भेजा जाएगा, जिस दिन क्लेम का निपटारा होगा.

भुगतान तक मिलेगा ब्याज

पहले अंतिम PF निपटान पर ब्याज पिछले महीने के आखिरी दिन तक ही जोड़ा जाता था. अब भुगतान की मंजूरी मिलने की तारीख तक ब्याज मिलेगा. यानी सदस्यों को पहले की तुलना में अधिक ब्याज मिलेगा.

पासबुक में तुरंत दिखेगा ब्याज

EPFO के अनुसार, वित्त वर्ष 202526 के लिए 8.25% ब्याज के हिसाब से करीब 1.44 लाख करोड़ रुपये लगभग 34 करोड़ खातों में 15 जुलाई तक जमा किए जाएंगे. इसके बाद सदस्य तुरंत अपनी पासबुक में ब्याज देख सकेंगे.

एक ही पोर्टल पर मिलेगी सभी जानकारी

अब सदस्य EPFO पोर्टल पर लॉगइन करके एक ही जगह पर—

  • PF बैलेंस
  • क्लेम का स्टेटस
  • सदस्यता की जानकारी
  • पेंशन सेवा रिकॉर्ड
  • मिले हुए लाभ

जैसी सभी जानकारियां देख सकेंगे.

क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना होगी कम

अब क्लेम जमा करने से पहले सिस्टम अपनेआप जरूरी दस्तावेजों और जानकारी की जांच करेगा. अगर कोई कमी होगी तो पोर्टल उसी समय बता देगा. इससे क्लेम रिजेक्ट होने की संभावना काफी कम हो जाएगी.

निकासी की सही जानकारी मिलेगी

अब सदस्य यह भी देख सकेंगे कि अलगअलग परिस्थितियों में वे कितना PF निकाल सकते हैं. पहले लोग बिना जानकारी के आवेदन कर देते थे और तय सीमा से ज्यादा रकम मांगने पर क्लेम रिजेक्ट हो जाता था.

75% तक PF निकाल सकेंगे

नई व्यवस्था के तहत सदस्य अपने कुल PF बैलेंस का 75% तक निकाल सकेंगे.

₹5 लाख तक का ऑटो सेटलमेंट

पूरी तरह KYC सत्यापित 5 लाख रुपये तक के एडवांस PF क्लेम का निपटारा ऑटोसेटलमेंट के जरिए होगा. पहले इसकी सीमा सिर्फ 1 लाख रुपये थी.

ऑनलाइन जवाब देने की सुविधा

अगर क्लेम की जांच के दौरान EPFO को कोई अतिरिक्त जानकारी चाहिए होगी, तो सदस्य अब ऑनलाइन ही जवाब दे सकेंगे. इससे कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी और क्लेम का निपटारा भी तेजी से होगा.

PF निकासी के नियम हुए आसान

पहले आंशिक निकासी के 13 अलगअलग नियम थे. अब इन्हें तीन आसान श्रेणियों में बांट दिया गया है—

  • जरूरी जरूरतें
  • आवास संबंधी जरूरतें
  • विशेष परिस्थितियां
  • नौकरी बदलने पर PF अपनेआप ट्रांसफर होगा

अब आधार से जुड़े UAN वाले PF खाते नौकरी बदलने पर अपनेआप ट्रांसफर हो जाएंगे. इसके लिए अलग से आवेदन करने या पुराने और नए नियोक्ता की मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी.

देश के किसी भी कार्यालय से होगा क्लेम निपटान

अब PF और पेंशन से जुड़े दावे देश के किसी भी क्षेत्रीय EPFO कार्यालय से प्रोसेस किए जा सकेंगे और भुगतान भारत में किसी भी बैंक खाते में भेजा जा सकेगा.

EPFO एमनेस्टी स्कीम 2026 क्या है?

EPFO ने एमनेस्टी स्कीम 2026 भी शुरू की है. इसके तहत आयकर अधिनियम, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त एक्जेम्प्टेड PF ट्रस्ट चलाने वाले संस्थानों को अपनी कानूनी स्थिति नियमित कराने का एक बार का मौका मिलेगा. यह योजना 29 जून 2026 से छह महीने तक लागू रहेगी.

इस योजना का उद्देश्य उन संस्थानों को राहत देना है, जिनके पास आयकर विभाग की मान्यता तो है, लेकिन EPF कानून के तहत आवश्यक छूट नहीं है. पात्र संस्थान अपनी स्थिति नियमित कराकर भविष्य में कानूनी परेशानियों से बच सकेंगे.