Agra News: उत्तर प्रदेश में आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर उस वक्त भारी हड़कंप मच गया, जब एक आरपीएफ जवान और डिप्टी स्टेशन अधीक्षक के बीच तीखी नोकझोंक और मारपीट हो गई. यह पूरा विवाद ट्रेन संख्या 20808 हीराकुंड एक्सप्रेस के ठहराव के दौरान हुआ. घटना के बाद स्टेशन परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया. रेलवे प्रशासन ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए बड़ी कार्रवाई की है और प्रथम दृष्टया जांच के आधार पर चार आरपीएफ जवान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है.

जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत एक महिला यात्री के चोटिल होने से हुई थी. यात्री के घायल होने पर ऑपरेटिंग विभाग के डिप्टी एसएस ने ट्रेन को रुकवाने का फैसला लिया था. आरोप है कि इसी दौरान आरपीएफ कर्मी जितेंद्र ने उस चोटिल यात्री को रोक लिया और उससे पैसे वसूलने का प्रयास करने लगा. जब डिप्टी एसएस ने आरपीएफ कर्मी की इस अवैध वसूली का कड़ा विरोध किया, तो दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई.
आरपीएफ जवान और डिप्टी एसएस के बीच मारपीट
आरोप के मुताबिक, देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरपीएफ कर्मी ने डिप्टी एसएस के साथ मारपीट कर दी. ड्यूटी पर तैनात दो जिम्मेदार कर्मचारियों के बीच हुई इस हाथापाई से स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और अन्य रेल कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई. बताया जा रहा है कि मुख्य आरोपी आरपीएफ जवान जितेंद्र का विवादों से पुराना नाता रहा है और वह पहले भी अपने आचरण को लेकर चर्चा में रह चुका है.
इस शर्मनाक और गंभीर घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया. शुरुआती जांच के बाद ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में चार आरपीएफ जवानों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.
जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच शुरू
मामले की तह तक जाने और निष्पक्ष जांच के लिए रेलवे प्रशासन ने एक तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन भी कर दिया है. इस उच्च स्तरीय समिति में एएससी , एडीईई/ओपी और एओएम को शामिल किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि यह समिति जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद रेलवे के कड़े नियमों के अनुसार दोषियों के खिलाफ आगे की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी



