बीसीसीआई ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को आयरलैंड दौरे पर मातापिता के साथ भेजने का फैसला किया है। बोर्ड का मानना है कि परिवार की मौजूदगी से कम उम्र के खिलाड़ी को सीनियर टीम के माहौल में ढलने और बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।

भारतीय क्रिकेट का भविष्य माने जा रहे युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बीसीसीआई ने एक अहम फैसला लिया है। बेहद कम उम्र में सीनियर टीम के करीब पहुंचे इस खिलाड़ी को आयरलैंड दौरे पर अकेले नहीं भेजा जाएगा। बोर्ड ने तय किया है कि इस दौरे पर वैभव के मातापिता भी उनके साथ रहेंगे, ताकि वह नए माहौल में सहज महसूस कर सकें।

वैभव सूर्यवंशी लगातार अपनी प्रतिभा से क्रिकेट जगत का ध्यान खींच रहे हैं। हालांकि कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के माहौल का हिस्सा बनना किसी भी खिलाड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए बीसीसीआई ने यह विशेष व्यवस्था की है, जिससे युवा बल्लेबाज मानसिक रूप से सहज रह सके और अपने खेल पर पूरी तरह फोकस कर सके।

अब Vaibhav Sooryavanshi के साथ जाएंगे मम्मीपापा

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने पीटीआई से बातचीत में बताया कि वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी दशकों में एक बार देखने को मिलते हैं। उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर के बाद इतनी कम उम्र में किसी खिलाड़ी का सीनियर स्तर पर पहुंचना दुर्लभ है। सैकिया के मुताबिक, कम उम्र के खिलाड़ी को सीनियर ड्रेसिंग रूम और विदेशी दौरे के माहौल में ढलने में समय लग सकता है। ऐसे में मातापिता का साथ उसे आत्मविश्वास देगा और किसी भी तरह की परेशानी से उबरने में मदद करेगा।

श्रीलंका दौरे पर विवाद में भी आए थे Vaibhav Sooryavanshi

वैभव सूर्यवंशी हाल ही में श्रीलंका में खेली जा रही ट्राई सीरीज के दौरान भी चर्चा में रहे थे। इंडिया ए की ओर से खेलते हुए उनकी श्रीलंका ए के एक खिलाड़ी से मैदान पर कहासुनी हो गई थी। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों खिलाड़ियों के बीच धक्कामुक्की भी देखने को मिली। इस घटना के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए दोनों खिलाड़ियों की मैच फीस में कटौती की गई थी। इस विवाद ने भी दिखाया कि युवा खिलाड़ियों को बड़े स्तर पर मार्गदर्शन और समर्थन की जरूरत होती है।

ट्राई सीरीज में नहीं चला बल्ला

आईपीएल 2026 में अपने आक्रामक खेल से सुर्खियां बटोरने वाले वैभव सूर्यवंशी ट्राई सीरीज में अब तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। उन्होंने चारों लीग मुकाबलों में अच्छी शुरुआत तो की, लेकिन किसी भी मैच में अर्धशतक तक नहीं पहुंच पाए। इतना ही नहीं, पूरी सीरीज में उनके बल्ले से सिर्फ तीन छक्के निकले हैं। अब फाइनल मुकाबले में टीम और फैंस को उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी।

भविष्य के सितारे पर BCCI की खास नजर

बीसीसीआई का यह फैसला साफ संकेत देता है कि बोर्ड वैभव सूर्यवंशी को भारतीय क्रिकेट का भविष्य मानकर चल रहा है। यही वजह है कि उनके क्रिकेट विकास के साथसाथ मानसिक और भावनात्मक पक्ष का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। आयरलैंड दौरे पर मातापिता की मौजूदगी युवा बल्लेबाज को बेहतर माहौल दे सकती है, जिससे वह अपने प्रदर्शन पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सके।