
महिला टी20 विश्व कप में भारतीय टीम का प्रदर्शन अब तक शानदार रहा है, लेकिन इसी बीच टीम को एक बड़ा झटका भी लगा है। हरफनमौला खिलाड़ी श्रेयंका पाटिल चोट के कारण पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। उनकी गैरमौजूदगी भारतीय टीम के लिए चुनौती हो सकती है, क्योंकि वह गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देने की क्षमता रखती हैं।
महिला टी20 विश्व कप 2026 में लगातार दो जीत दर्ज कर शानदार शुरुआत करने वाली भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम की प्रमुख हरफनमौला खिलाड़ी श्रेयंका पाटिल टखने की चोट के कारण प्रतियोगिता के बाकी मुकाबलों से बाहर हो गई हैं। भारतीय टीम प्रबंधन और प्रशंसकों के लिए यह खबर निराशाजनक मानी जा रही है, क्योंकि श्रेयंका टीम के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही हैं।
गौरतलब है कि श्रेयंका पाटिल को यह चोट नीदरलैंड के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान लगी थी। मौजूद जानकारी के अनुसार, वह गेंदबाजी करने आई थीं, लेकिन केवल एक गेंद फेंकने के बाद ही असहज महसूस करने लगीं। चोट गंभीर होने के कारण उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा था और बाद में चिकित्सकीय जांच में यह स्पष्ट हो गया कि वह आगे के मुकाबलों के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगी।
बता दें कि विश्व कप की तकनीकी समिति ने गुरुवार देर रात श्रेयंका पाटिल के स्थान पर प्रेमा रावत को भारतीय टीम में शामिल करने की मंजूरी दे दी। इसके साथ ही प्रेमा अब आधिकारिक रूप से भारतीय दल का हिस्सा बन गई हैं।
प्रेमा रावत का नाम भले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नया हो, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उन्होंने लगातार प्रभावित किया है। उत्तराखंड के लिए खेलते हुए उन्होंने अपनी लेग स्पिन गेंदबाजी से कई महत्वपूर्ण प्रदर्शन किए हैं। इसके अलावा महिला प्रीमियर लीग में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए भी उन्होंने क्रिकेट विशेषज्ञों का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
मौजूद जानकारी के अनुसार, प्रेमा रावत ने भारत ए टीम के लिए भी कई प्रभावशाली प्रदर्शन किए हैं। यही कारण है कि चयनकर्ताओं ने उन्हें इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में श्रेयंका के विकल्प के रूप में चुना है। हालांकि अभी तक उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण नहीं किया है, लेकिन टीम प्रबंधन को उनकी प्रतिभा पर पूरा भरोसा है।
गौरतलब है कि श्रेयंका पाटिल पिछले कुछ वर्षों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अहम खिलाड़ी बनकर उभरी हैं। मध्य ओवरों में विकेट लेने की उनकी क्षमता और निचले क्रम में उपयोगी बल्लेबाजी टीम को अतिरिक्त मजबूती देती रही है। ऐसे में उनका बाहर होना निश्चित रूप से भारतीय टीम के लिए एक नुकसान माना जा रहा है।
हालांकि भारतीय टीम का आत्मविश्वास इस समय काफी ऊंचा है। भारत ने अपने शुरुआती दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज कर अंक तालिका में मजबूत स्थिति बनाई हुई है। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में टीम का प्रदर्शन संतुलित रहा है।
अब भारतीय टीम का अगला मुकाबला 21 जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला जाएगा। यह मुकाबला भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मजबूत दक्षिण अफ्रीकी टीम के खिलाफ जीत से सेमीफाइनल की राह और आसान हो सकती है।
ऐसे में सभी की नजर अब इस बात पर रहेगी कि प्रेमा रावत को कब मौका मिलता है और वह इस बड़े मंच पर खुद को किस तरह साबित करती हैं। वहीं भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि श्रेयंका पाटिल की कमी के बावजूद उसका विजयी अभियान इसी तरह आगे बढ़ता रहे और टीम खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ाती रहे हैं।



