केंद्रीय कर्मचारियों को जुलाई से दिसंबर छमाही के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का इंतजार है। इस इंतजार के बीच केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों में काम करने वाले अधिकारियों और गैरयूनियन पर्यवेक्षकों को एक बड़ा तोहफा मिला है। दरअसल, लोक उद्यम विभाग ने इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस यानी औद्योगिक महंगाई भत्ता की नई दरें जारी कर दी हैं। बता दें कि महंगाई के असर को देखते हुए इस भत्ते में संशोधन किया गया है, जिससे लाखों कर्मचारियों की मासिक सैलरी बढ़ जाएगी।

क्या हैं नई औद्योगिक महंगाई भत्ता की दरें?
सरकार की अधिसूचना के मुताबिक इस भत्ते की नई दरें 1987, 1997, 2007 और 2017 वेतनमान के तहत आने वाले CPSE कर्मचारियों पर लागू होंगी। साल 2017 वेतनमान के तहत आने वाले कर्मचारियों का भत्ता 55.7% हो गया है। वहीं, 2007 और 1997 के भत्ते की बात करें तो क्रमश: 241.7% और 476.9% हैं।

इसके अलावा, साल 1987 वेतनमान के कर्मचारियों के लिए औसत अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक 9,854 के आधार पर ₹18,298 का इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस तय किया गया है। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। यह बढ़ा हुआ भत्ता उन कर्मचारियों को मिलेगा जो CPSE में कार्यरत हैं। इनमें ऊर्जा, तेल एवं गैस, इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, इस्पात, कोयला, बिजली और वित्तीय सेवाओं जैसी सरकारी कंपनियों के अधिकारी और गैरयूनियन सुपरवाइजर शामिल हैं।

सैलरी पर कितना पड़ेगा असर?
महंगाई भत्ता बढ़ने का सीधा फायदा कर्मचारियों की मासिक आय पर पड़ेगा। मान लीजिए कि किसी कर्मचारी का बेसिक वेतन ₹50,000 है और वह 2017 वेतनमान के तहत आता है तो 55.7% की नई IDA दर के हिसाब से उसे ₹27,850 महंगाई भत्ते के रूप में मिलेंगे। अलगअलग कर्मचारियों के लिए यह राशि उनके बेसिक वेतन के अनुसार अलग होगी।

क्या होता है IDA?
इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस की बात करें तो महंगाई के प्रभाव को कम करने के लिए दिया जाने वाला भत्ता है। इसकी गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर होती है। महंगाई बढ़ने पर IDA भी बढ़ाया जाता है, ताकि कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनी रहे। इसमें समयसमय पर संशोधन किया जाता है।

महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी ऐसे समय आई है, जब केंद्रीय कर्मचारी भी इंतजार कर रहे हैं। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए जुलाई से दिसंबर छमाही के भत्ते में बढ़ोतरी सितंबर या अक्टूबर में हो सकती है। ऐसा अनुमान है कि सरकार 3 या 4 पर्सेंट तक भत्ता बढ़ाएगी। अगर ऐसा हुआ तो केंद्रीय कर्मचारियों को 63 या 64 पर्सेंट भत्ता मिलेगा। बता दें कि महंगाई भत्ता अभी 60 पर्सेंट है।