अरबपति मुकेश अंबानी ने एजीएम में कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज में दैनिक प्रबंधन दायित्वों का उनके बच्चों को हस्तांतरण लगभग पूरा हो चुका है. यह देश की सबसे मूल्यवान कंपनी में लंबे समय से चल रही उत्तराधिकार प्रक्रिया के अंतिम चरण का संकेत है. रिलायंस इंडस्ट्रीज की वार्षिक आम बैठक में अंबानी ने कहा कि उनके बच्चे आकाश, ईशा एवं अनंत अब समूह के विभिन्न प्रमुख कारोबारों का नेतृत्व कर रहे हैं और टेलीकॉम, रिटेल, डिजिटल सर्विसेज एवं न्यू एनर्जी जैसे क्षेत्रों में कंपनी के अगले वृद्धि चरण को आगे बढ़ाएंगे. अंबानी ने अपने तीनों बच्चों की प्रशंसा करते हुए कहा कि रिलायंस में दैनिक प्रबंधन का पीढ़ीगत हस्तांतरण लगभग पूरा हो चुका है. इससे संकेत मिलता है कि उत्तराधिकार प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है.

मुकेश अंबानी ने कहा…
उन्होंने शेयरधारकों से कहा कि आपकी कंपनी का भविष्य न केवल सुरक्षित हाथों में है, बल्कि ऐसे हाथों में है जो इसे और ऊंचाइयों तक ले जाएंगे. पिछले वर्ष की तरह इस बार भी उन्होंने आकाश और ईशा को क्रमशः दूरसंचार और खुदरा कारोबार की योजनाएं प्रस्तुत करने के लिए मंच दिया. अपने सबसे छोटे बेटे अनंत, जिन्हें मई पिछले वर्ष कार्यकारी निदेशक नियुक्त किया गया था, ने ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी व्यावसायिक जानकारी साझा की. मुकेश अंबानी ने कहा, ‘ईशा, आकाश और अनंत ने अब रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक मंडल में तीन परिवर्तनकारी वर्ष पूरे कर लिए हैं. ईशा उपभोक्ता व्यवसायों का नेतृत्व करती हैं, आकाश प्रौद्योगिकी व्यवसायों का नेतृत्व करते हैं और अनंत ऊर्जा व्यवसायों का नेतृत्व संभाल रहे हैं. उन्होंने कहा कि ये तीनों लोग मिलकर पूरे समूह की समग्र वृद्धि पर काम कर रहे हैं.
जियो आईपीओ का ऐलान
इससे पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सर्विस यूनिट जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने अपने आईपीओ के लिए शुक्रवार को मसौदा दस्तावेज दाखिल किया. इस इश्यू के जरिए कंपनी करीब चार अरब डॉलर जुटाने की योजना बना रही है जिससे इसका वैल्यूएशन लगभग 137 अरब डॉलर आंका गया है. बाजार नियामक सेबी के समक्ष दाखिल मसौदा दस्तावेज के मुताबिक, कंपनी 10 रुपए फेस वैल्यू वाले अधिकतम 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी, जो निर्गम के बाद की चुकता इक्विटी पूंजी का लगभग 2.9 प्रतिशत होगा. यह पेशकश रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि समूह अपने इस दूरसंचार एवं प्रौद्योगिकी कारोबार से मूल्य सृजन करना चाहता है. कंपनी के लिए यह कारोबार 2016 में शुरुआत के बाद से ही वृद्धि का प्रमुख इंजन बना हुआ है.



