दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट ने 25 से 27 जुलाई 2026 तक भारत मंडपम में कैंसर जागरूकता, रोकथाम एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया. तीन दिन के इस इवेंट का उद्देश्य आमजन में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय पर जांच को प्रोत्साहित करना और कैंसर की रोकथाम संबंधी सेवाओं को लोगों तक निःशुल्क उपलब्ध कराना था. कार्यक्रम के दौरान मुख, स्तन, गर्भाशय ग्रीवा एवं प्रोस्टेट कैंसर की फ्री स्क्रीनिंग की गई.

इसके अलावा स्तन स्वपरीक्षण का प्रशिक्षण, एक्सपर्ट डॉक्टरों से सलाह, कैंसर जागरूकता सत्र और एचपीवी संक्रमण एवं उसकी रोकथाम पर सलाह भी दी गई.

9 से 15 साल की बच्चियों का फ्री वैक्सीनेशन

इवेंट का मेन अट्रैक्शन 0915 वर्ष की बालिकाओं के लिए निःशुल्क एचपीवी टीकाकरण रहा. लगभग 200 वैक्सीन डोज़ “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर बच्चियों को लगाई गई. इसके साथ ही एचपीवीडीएनए सेल्फ टेस्टिंग के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया तथा विशेषज्ञों से कैंसर की रोकथाम, प्रारंभिक पहचान और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी प्राप्त की.

क्या होता है एचपीवी वैक्सीनेशन?

ये 9 से 15 साल की बालिकाओं के लगाए जाने वाली वैक्सीन है. ये ह्यूमन पैपिलोमावायरस वायरस से बचाव का एक कारगर तरीका है. एक्सपर्ट बताते हैं कि ये वायरस स्किन और यौन संपर्क के जरिए फैल सकता है. इसकी चपेट में आने से महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर का खतरा रहता है. पुरुष और महिलाओं दोनों में गले, लिंग, योनि और वल्वा के कैंसर का खतरा रहता है. एचपीवी वैक्सीन के जरिए बॉडी का इम्यून सिस्टम इस वायरस के खिलाफ बेहतर काम करत पाता है. इस तरह फ्यूचर में गंभीर इंफेक्शन और इससे जुड़ी गंभीर बीमारियों का डर कम रहता है.

एक्सपर्ट ने क्या कहा

डॉ. सविता अरोरा, निदेशक, दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट ने इस मौके पर कहा कि कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसकी समय पर पहचान और प्रभावी रोकथाम से लाखों जीवन बचाए जा सकते हैं. हमारा उद्देश्य केवल उपचार प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाकर कैंसर की रोकथाम को जनआंदोलन बनाना है. ऐसे सामुदायिक कार्यक्रमों के माध्यम से हम गुणवत्तापूर्ण निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”

डॉ. प्रज्ञा शुक्ला, विभागाध्यक्ष, क्लिनिकल ऑन्कोलॉजी, दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट ने कहा कि नियमित स्क्रीनिंग से कैंसर का प्रारंभिक अवस्था में पता लगाया जा सकता है, जिससे उपचार की सफलता की संभावना कई गुना बढ़ जाती है. वहीं एचपीवी टीकाकरण सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम का एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। हम सभी लड़कियों और उनके अभिभावकों से आग्रह करते हैं कि वे इस सुरक्षित और प्रभावी वैक्सीन का लाभ अवश्य उठाएं.”

दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता एवं सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत रहेगा ताकि देश को कैंसर से जितना संभव हो बचाया जा सके.