भारत का IPO बाजार एक नए रिकॉर्ड की दहलीज पर खड़ा है. जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की प्रस्तावित लिस्टिंग से देश के अब तक के सबसे बड़े पब्लिक इश्यू का रिकॉर्ड टूट सकता है. जियो प्लेटफॉर्म्स करीब 37,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है, जबकि NSE का इश्यू भी 30,000 करोड़ रुपये के आसपास रहने का अनुमान है. ऐसे में निवेशकों की नजर उन बड़े IPO पर भी है जिन्होंने अब तक भारतीय बाजार में फंड जुटाने के नए मानक स्थापित किए हैं.

भारत के शेयर बाजार में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. रिलायंस समूह की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज अपने मेगा IPO के जरिए भारतीय पूंजी बाजार के पुराने रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में हैं. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों इश्यू देश के अब तक के सबसे बड़े IPO में शामिल हो सकते हैं.
जियो प्लेटफॉर्म्स ने हाल ही में सेबी के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया है. अनुमान है कि कंपनी इस इश्यू के जरिए करीब 37,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है. यदि ऐसा होता है तो यह भारत का सबसे बड़ा IPO बन जाएगा. वहीं NSE के प्रस्तावित IPO से करीब 30,000 करोड़ रुपये जुटाए जाने की उम्मीद है.
Hyundai Motor India अभी नंबर1
फिलहाल भारत के सबसे बड़े IPO का रिकॉर्ड Hyundai Motor India के नाम है. कंपनी ने अक्टूबर 2024 में 27,859 करोड़ रुपये का IPO लॉन्च किया था. यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल आधारित इश्यू था और इसे निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था.
LIC का ऐतिहासिक विनिवेश
सरकारी बीमा कंपनी LIC ने 2022 में 20,557 करोड़ रुपये का IPO लाकर इतिहास रचा था. यह भारत सरकार के सबसे बड़े विनिवेश कार्यक्रमों में से एक माना जाता है. इस इश्यू में पॉलिसीधारकों और कर्मचारियों को विशेष छूट भी दी गई थी.
Paytm ने बनाया था रिकॉर्ड
फिनटेक कंपनी Paytm ने नवंबर 2021 में 18,300 करोड़ रुपये का IPO लॉन्च किया था. उस समय यह देश का सबसे बड़ा IPO था. इस इश्यू में फ्रेश शेयर और ऑफर फॉर सेल दोनों शामिल थे.
टाटा कैपिटल की बड़ी एंट्री
टाटा समूह की वित्तीय सेवा कंपनी टाटा कैपिटल ने 2025 में 15,512 करोड़ रुपये का IPO पेश किया था. यह देश के वित्तीय सेवा क्षेत्र की सबसे बड़ी लिस्टिंग में से एक रही.
Coal India का शानदार प्रदर्शन
सरकारी कंपनी Coal India का 15,199 करोड़ रुपये का IPO 2010 में आया था. इस इश्यू को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला और यह 15 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ था. बाजार जानकारों का मानना है कि जियो प्लेटफॉर्म्स और NSE के IPO न केवल फंड जुटाने के नए रिकॉर्ड बना सकते हैं, बल्कि भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की भागीदारी और वैश्विक रुचि को भी नई ऊंचाई पर पहुंचा सकते हैं. यदि दोनों इश्यू तय आकार में आते हैं, तो भारत के IPO इतिहास की रैंकिंग में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा.



