देश की टेलीकॉम कंपनी Vodafone Idea को दूरसंचार विभाग से 26.83 करोड़ रुपये का नोटिस मिला है. विभाग ने कंपनी पर 2022 के स्पेक्ट्रम नीलामी से जुड़े न्यूनतम नेटवर्क रोलआउट के नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है. Vodafone Idea ने शेयर बाजार को दी गई जानकारी में बताया कि उसे यह नोटिस 31 जुलाई को मिला. कंपनी फिलहाल नोटिस की समीक्षा कर रही है और आगे की कार्रवाई पर विचार कर रही है.

2022 में हुई स्पेक्ट्रम नीलामी के दौरान कंपनियों को नई स्पेक्ट्रम फ्रीक्वेंसी आवंटित की गई थी. इसके साथ ही सरकार ने कुछ शर्तें भी तय की थीं. इन शर्तों के तहत टेलीकॉम कंपनियों को तय समय के भीतर कुछ क्षेत्रों में अपना मोबाइल नेटवर्क शुरू करना और उसका विस्तार करना जरूरी था. इसे ही मिनिमम रोलआउट ऑब्लिगेशन कहा जाता है. DoT का आरोप है कि कंपनी इन शर्तों का पूरी तरह पालन नहीं कर सकी. इसी वजह से कंपनी को 26.83 करोड़ रुपये की लिक्विडेटेड डैमेज राशि जमा करने का नोटिस भेजा गया है.
कंपनी ने क्या कहा?
इधर, Vodafone Idea का कहना है कि वह नोटिस का विस्तार से अध्ययन कर रही है और यह तय करेगी कि आगे क्या कदम उठाया जाए. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस नोटिस का उसके कारोबार या सेवाओं पर फिलहाल कोई वित्तीय या परिचालन असर नहीं पड़ेगा. यानी मोबाइल नेटवर्क, कॉलिंग, इंटरनेट सेवाएं या ग्राहकों को मिलने वाली सुविधाएं पहले की तरह जारी रहेंगी.
क्या होती है लिक्विडेटेड डैमेज?
अगर कोई कंपनी सरकार या किसी एजेंसी के साथ हुए समझौते की शर्तों को तय समय पर पूरा नहीं करती, तो उस पर पहले से तय जुर्माना लगाया जा सकता है. इसी जुर्माने को लिक्विडेटेड डैमेज कहा जाता है. इस मामले में DoT का मानना है कि Vodafone Idea ने स्पेक्ट्रम आवंटन के बाद तय नेटवर्क विस्तार की शर्तों का पूरी तरह पालन नहीं किया.
आगे क्या हो सकता है?
अब Vodafone Idea के पास नोटिस का जवाब देने और अपना पक्ष रखने का मौका होगा. अगर कंपनी अपनी स्थिति स्पष्ट कर देती है या विभाग उसके जवाब से संतुष्ट हो जाता है, तो मामले में आगे फैसला लिया जाएगा. फिलहाल कंपनी ने कहा है कि वह पूरे मामले की समीक्षा कर रही है और नियमों के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाएगी.



