इस्लामाबाद: पति कश्मीर पर अलगाववाद वाली नेतागीरी करते-करते आतंकवादी बन गया, पाकिस्तानी बेगम खुद को कश्मीर की सियासत में मसीहा बनाने चली थीं, अब मुनीर के पैरों में गिर पड़ी हैं. ये हाल है तिहाड़ जेल में बंद आतंकी यासीन मलिक की बीवी मुशाल हुसैन मलिक का, जो PoK के लोगों की लाशों पर खड़े होकर नई नौटंकी कर रही है. मुशाल का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो मुनीर को मसीहा बनाने के लिए पूरा दम लगा रही है, आंसू बहा रही है, जान देने की बात कर रही है लेकिन गलती से भी पाकिस्तानी आर्मी को गुनहगार नहीं बता रही है, जबकि इसी आर्मी ने पीओके में 46 मासूमों को गोलियं से भून डाला है.

आतंकी की बीवी का PoK पर नया नाटक
मुशाल हुसैन मलिक कई सालों से अपनी इमेज बिल्डिंग में रही है, वो चाहती है कि लोग उसे कश्मीर के मामले में मानवाधिकारों का मसीहा माने लेकिन पीओके पर उसके स्टैंड ने सारी पोल-खोल दी है. यासीन मलिक की बीवी ने एक पीओके में नरसंहार पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें इसने पूरा माहौल बनाया है, काले कपड़े पहने है, बिना मेकअप का चेहरा और आंखों से बहते आसूंओं के साथ वो हाथ जोड़कर बार-बार कह रही है कि ‘और कल्तेआम नहीं चाहिए’.

मुशाल कहती है कि ‘हमारी फौज है, हमारे ही लोग लेकिन पता नहीं किस घड़ी में ये गलतफहमी पैदा हो गई’. वो कह रही है कि ‘मैं कश्मीर का साथ नहीं छोड़ूंगी’ लेकिन उनके नरसंहार करने वाली पाकिस्तानी आर्मी को भगवान बनाकर पेश कर रही है. जब बात भारत की थी तो कश्मीर के मुद्दे पर उसमे भारतीय आर्मी के खिलाफ लोगों को जमकर भड़काया था लेकिन जब अपने मुल्क पर आई तो पाकिस्तान की आर्मी ‘अपनी’ हो गई. मजे की बात तो देखिए मुशाल खुद को अपने ही देश में कश्मीर के लोगों और आर्मी के बीच सुलह करवाने के लिए पेश कर रही है. उसने इस मुश्किल हालत में अपने देश में हालात सुधारने के बजाए, एक बार फिर से भारत के खिलाफ जहर उगला है और भारत के कश्मीर की तरफ गंदी नजर डाली है.

शादी के बहाने भारत आई और रचने लगी साजिश!

साल 2009 में जब पाकिस्तानी मूल की मुशाल हुसैन मलिक ने कश्मीर में अलगाववाद राजनीति कर रहे यासीन मलिक से निकाह किया था तो उनके इरादे कुछ और ही थे. शादी के बाद वो भारत आईं, कश्मीर की वादियों में घूमीं और बेहद चालाकी से भारत के खिलाफ माहौल बनाने में जुट गईं. उसने भारत की थाली में खाया और उसी में छेद करने लगी. यासीन मलिक के साथ मिलकर उसने कश्मीर के नौजवानों को भड़काने और घाटी को भारत से तोड़ने की गहरी साजिशें रचीं.

जब इस आतंकी कपल के पाप का घड़ा भर गया और भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने शिकंजा कसा, तब यासीन मलिक को उनके गुनाहों की सजा मिली और वो तिहाड़ जेल पहुंचा. पोल खुलती देश मुशाल मलिक भागी और सीधा पाकिस्तान पहुंची, वहां जाकर भारत के खिलाफ जहर उगलने का अपना पुराना धंधा फिर से चालू कर दिया. हालांकि, अब लंबे समय से उसे कोई पूछ नहीं रहा है.

अब PoK बचाने के लिए आर्मी चीफ मुनीर के पैरों में गिरी?
जो मुशाल मलिक कल तक भारत को मानवाधिकारों का पाठ पढ़ाती थीं, आज वो खुद पाकिस्तान के हुक्मरानों और पाकिस्तानी सेना के चीफ जनरल आसिम मुनीर के पैरों में गिरी पड़ी है. सूत्रों के मुताबिक, PoK में पाकिस्तानी फौज के अत्याचारों के खिलाफ भड़के भयंकर गुस्से को दबाने के लिए पाकिस्तानी एस्टेब्लिशमेंट ने मुशाल मलिक को आगे कर दिया है. खुद को बचाने और पाकिस्तान में अपनी राजनीतिक दुकान चमकाने के लिए मुशाल मलिक अब पाकिस्तानी जनरलों के तलवे चाटने को मजबूर हैं. अपनी कुर्सी और रसूख बचाने के लिए वो PoK के जलते हालातों पर पर्दा डालने की पूरी कोशिश कर रही हैं, ताकि पाकिस्तान की साख दुनिया के सामने खराब न हो.

रावलकोट में बहा खून
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK के रावलकोट और दूसरे इलाकों में इन दिनों जो कुछ भी हो रहा है, वो किसी भी इंसान की रूह कंपा देने के लिए काफी है. वहां की स्थानीय जनता बुनियादी अधिकारों, आटे-दाल के संकट और बिजली के भारी बिलों को लेकर प्रदर्शन कर रही थी लेकिन पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने उन पर बेरहमी से लाठियां बरसाईं और गोलियां चलाईं. पाकिस्तानी फौज की बर्बरता के कारण PoK की सड़कों पर आम नागरिकों का खून बहा. सच बाहर न आ सके, इसलिए पूरे इलाके में इंटरनेट बंद कर दिया गया और खाने-पीने की सप्लाई रोक दी गई. 40 से ज्यादा लाशें बिछीं और घायलों के इलाज के लिए अस्पतालों में जरूरी दवाइयां तक नहीं पहुंचने दी जा रही हैं.

‘पाकिस्तान के लिए कश्मीर सिर्फ एक धंधा है!’
जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेताओं ने साफ कह दिया है कि ‘पाकिस्तान के हुक्मरानों और उनके पालतू नेताओं के लिए कश्मीर कोई जज्बाती मुद्दा नहीं है, बल्कि ये अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भीख मांगने और अपनी राजनीति चमकाने का एक बहुत बड़ा बिजनेस है’.

PoK में इस बड़े आंदोलन की अगुवाई कर रहे स्थानीय नेताओं ने पाकिस्तानी हुकूमत को सरेआम बेनकाब कर दिया है. उनका कहना है कि पाकिस्तान पूरी दुनिया में कश्मीर-कश्मीर का रोना रोकर केवल अपना भू-राजनीतिक फायदा ढूंढता है. जबकि हकीकत ये है कि PoK के असली बाशिंदों को कीड़े-मकौड़ों की तरह समझा जाता है, जिन्हें न तो रोजगार मिलता है, न बुनियादी सहूलियतें और न ही अपनी बात कहने की आजादी.

भारत विरोधा प्रोपेगैंडा पर टिकी मुशाल मलिक की दुकान
राजनीतिक गलियारों में अब यह बात खुलकर सामने आ चुकी है कि मुशाल मलिक को न तो कश्मीर के लोगों से कोई हमदर्दी है और न ही PoK की रोती-बिलखती महिलाओं से. उसने हमेशा अपने पति यासीन मलिक की जेल की सजा को भुनाया है. यासीन मलिक के नाम का इस्तेमाल करके उन्होंने पाकिस्तान में बड़े-बड़े सरकारी पद हासिल किए, महंगी गाड़ियों में घूमीं और आलीशान जिंदगी जी. आज जब PoK की जनता पाकिस्तान से आजादी मांग रही है, तब मुशाल मलिक का ये दोहरा रवैया साफ दिखाता है कि उसकी पूरी दुकान सिर्फ और सिर्फ भारत विरोध के झूठे प्रोपेगैंडा पर टिकी हुई है.