Ayodhya News: राम नगरी अयोध्या में स्थित लगभग 500 वर्ष पुराने विघ्नेश्वर धाम शिवाला मंदिर में मंगलवार को देश का सबसे बड़ा 60 फीट ऊंचा महा त्रिशूल स्थापित किया गया. इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान 365 पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विशेष पूजाअर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए. पूरे मंदिर परिसर में “हरहर महादेव” के जयघोष गूंजते रहे और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस अवसर के साक्षी बने.

365 पुजारियों ने कराया विशेष अनुष्ठान

महा त्रिशूल की स्थापना से पहले वैदिक रीतिरिवाजों के अनुसार हवन, पूजन और विशेष अनुष्ठान किए गए. देश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे संतमहात्माओं और पुजारियों ने भगवान शिव की आराधना करते हुए त्रिशूल की विधिवत स्थापना कराई. धार्मिक कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला.

सनातन संस्कृति को मिलेगा नया प्रतीक

मंदिर प्रशासन का कहना है कि महा त्रिशूल की स्थापना का उद्देश्य भगवान शिव के प्रति आस्था को मजबूत करना और सनातन संस्कृति का संदेश जनजन तक पहुंचाना है. उनका मानना है कि यह विशाल त्रिशूल केवल धार्मिक प्रतीक ही नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक विरासत का भी प्रतीक बनेगा.

श्रद्धालुओं के लिए बनेगा नया आकर्षण

आयोजकों के अनुसार, अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु अब विघ्नेश्वर धाम में स्थापित इस महा त्रिशूल के भी दर्शन कर सकेंगे. उम्मीद जताई जा रही है कि यह विशाल त्रिशूल देशविदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगा और मंदिर की पहचान को नई ऊंचाई देगा.

ऐतिहासिक कदम बताया

संतमहात्माओं ने इस स्थापना को सनातन परंपरा और धार्मिक संस्कृति के संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल बताया. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। उनका कहना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना को बढ़ावा देने के साथसाथ सांस्कृतिक विरासत को भी मजबूत करते हैं. अयोध्या में स्थापित यह महा त्रिशूल अब भगवान शिव के भक्तों की आस्था का एक नया केंद्र बनकर उभरेगा.