Varanasi Dalmandi Land Acquisition: वाराणसी के चर्चित दालमंडी भूमि अधिग्रहण मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि प्रभावित पक्षों की आपत्तियों का निस्तारण होने तक अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। कोर्ट ने जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि लंबित आपत्तियों का कानून के अनुरूप निर्णय लिया जाए।

Varanasi: दालमंडी भूमि अधिग्रहण पर हाईकोर्ट की रोक, आपत्तियों के निस्तारण तक आगे नहीं बढ़ेगी कार्रवाई​
Varanasi: दालमंडी भूमि अधिग्रहण पर हाईकोर्ट की रोक, आपत्तियों के निस्तारण तक आगे नहीं बढ़ेगी कार्रवाई​

यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने मोहम्मद यासीन समेत 24 लोगों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।याचिकाकर्ताओं ने भूमि अधिग्रहण अधिनियम2013 की धारा 11 के तहत 21 और 25 अप्रैल 2026 को जारी गजट अधिसूचना को चुनौती देते हुए उसे निरस्त करने की मांग की थी।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एस.एफ.ए. नकवी ने कोर्ट को बताया कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम की धारा 15 के तहत जिलाधिकारी के समक्ष आपत्तियां दाखिल की गई हैं, लेकिन उनका अब तक निस्तारण नहीं किया गया है। ऐसे में अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना न्यायसंगत नहीं होगा।

डीएम को सभी आपत्तियों का विधिसम्मत से निस्तारण का निर्देश

वहीं राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता एम.सी. चतुर्वेदी ने अदालत को आश्वस्त किया कि याचिकाकर्ताओं की लंबित आपत्तियों पर विधि के अनुसार निर्णय लिए बिना अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि धारा 15 के तहत दाखिल आपत्तियां अभी भी जिलाधिकारी के समक्ष लंबित हैं। इस स्थिति में अदालत ने याचिका का निस्तारण करते हुए जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि वह सभी आपत्तियों का विधिसम्मत और समयबद्ध तरीके से निस्तारण करें।

आपत्तियों पर फैसला होने के बाद ही आगे बढ़ेगी भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई

अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक आपत्तियों पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। इस मामले में याचिकाकर्ताओं ने वाराणसी विकास प्राधिकरण, उसके जोनल अधिकारी, नगर निगम वाराणसी, ईएनवी डेवलपमेंट असिस्टेंस सिस्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड तथा जिलाधिकारी को प्रतिवादी बनाया था। के इस आदेश को दालमंडी क्षेत्र के प्रभावित लोगों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।