बरसात के मौसम में सड़कें अक्सर गीली और फिसलन भरी हो जाती हैं. ऐसे में अगर अचानक ब्रेक लगाना पड़े, तो कार के फिसलने या कंट्रोल खोने का खतरा बढ़ जाता है. यही वजह है कि आज की ज्यादातर कारों में ABS और EBD जैसे सेफ्टी फीचर्स दिए जाते हैं. ये दोनों सिस्टम इमरजेंसी ब्रेकिंग के दौरान गाड़ी को बेहतर तरीके से संभालने में मदद करते हैं. आइए जानते हैं कि ये कैसे काम करते हैं और बारिश के मौसम में इनका क्या फायदा होता है.

ABS कैसे काम करता है?

मान लीजिए आप बारिश में गाड़ी चला रहे हैं और सामने अचानक कोई वाहन या व्यक्ति आ जाता है. ऐसी स्थिति में आप तेजी से ब्रेक लगाते हैं, जिससे कई बार पहिए लॉक हो सकते हैं. अगर ऐसा हो जाए, तो कार फिसलने लगती है और स्टीयरिंग पर कंट्रोल भी कम हो जाता है.

यहीं पर यानी एंटीलॉक ब्रेकिंग सिस्टम अपनी भूमिका निभाता है. यह लगातार सभी पहियों की स्पीड पर नजर रखता है. जैसे ही किसी पहिए के लॉक होने की संभावना बनती है, सिस्टम तुरंत ब्रेक प्रेशर को बारबार कम और ज्यादा करता है. इससे पहिए पूरी तरह जाम नहीं होते, सड़क पर पकड़ बनी रहती है और ड्राइवर जरूरत पड़ने पर गाड़ी की दिशा बदलकर टक्कर से बच सकता है.

EBD कैसे काम करता है?

हर कार में सभी पहियों पर बराबर वजन नहीं होता. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। इसके अलावा बारिश में सड़क की पकड़ भी हर टायर के नीचे अलगअलग हो सकती है. ऐसे में सभी पहियों पर एक जैसा ब्रेक लगाना सही नहीं होता.

यानी इलेक्ट्रॉनिक ब्रेकफोर्स डिस्ट्रीब्यूशन इसी काम को आसान बनाता है. यह गाड़ी की रफ्तार, वजन और सड़क की स्थिति को ध्यान में रखते हुए हर पहिए तक जरूरत के हिसाब से ब्रेक की ताकत पहुंचाता है. अगर किसी पहिए पर ज्यादा दबाव चाहिए या किसी तरफ सड़क ज्यादा फिसलन वाली है, तो EBD उसी के अनुसार ब्रेकिंग को संतुलित करता है. इससे गाड़ी का बैलेंस बना रहता है और फिसलने का खतरा कम हो जाता है.

इमरजेंसी ब्रेकिंग में कौन ज्यादा असरदार?

ABS और EBD को एकदूसरे का ऑप्शन नहीं माना जाता, बल्कि ये दोनों साथ मिलकर काम करते हैं. EBD यह तय करता है कि किस पहिए पर कितना ब्रेक लगाना चाहिए, जबकि ABS यह सुनिश्चित करता है कि ब्रेक लगाने के दौरान कोई पहिया लॉक न हो.अगर कार में सिर्फ ABS हो, तो गाड़ी फिसलने से काफी हद तक बच जाती है, लेकिन ब्रेकिंग के दौरान संतुलन पर थोड़ा असर पड़ सकता है. वहीं, जब ABS और EBD दोनों साथ काम करते हैं, तो कार ज्यादा संतुलित तरीके से कम दूरी में रुकती है और ड्राइवर का कंट्रोल भी बेहतर बना रहता है.

इसी वजह से मानसून में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए ABS और EBD दोनों का साथ होना सबसे बेहतर माना जाता है. ये दोनों मिलकर गाड़ी की पकड़, संतुलन और ब्रेकिंग क्षमता को बेहतर बनाते हैं, जिससे मुश्किल परिस्थितियों में भी दुर्घटना का खतरा काफी कम हो जाता है.