मानसून सीजन में डेंगू के मामलों में तेजी देखी जाती है. किसी को ये बीमारी अपने चपेट में ले लेती है और लगातार प्लेटलेट्स गिरते हैं तो कंडीशन बिगड़ सकती है. इस बीमारी में प्लेटलेट्स काउंट का कम होना नॉर्मल है. पर क्या आप जानते हैं कि डेंगू का असर हमारे दिल पर भी पड़ता है. डेंगू का दिल पर क्या असर पड़ता है इसको लेकर टीवी9 ने डॉ. अनिल गोम्बर से बातचीत की.

एक्सपर्ट बताते हैं कि दिल पर डेंगू का सीधा असर नहीं होता, लेकिन अगर हालात गंभीर हो जाए तो हार्ट की कार्यक्षमता प्रभावित होने लगती है. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। चलिए आपको बताते हैं कि डेंगू होने पर हमारे दिल की सेहत और इसकी कार्यक्षमता पर क्या असर पड़ता है.
डेंगू का दिल पर असर
डॉक्टर अनिल का कहना है कि ज्यादातर लोग डेंगू को सिर्फ प्लेटलेट्स कम होने वाली बीमारी मानते हैं, लेकिन गंभीर मामलों में यह दिल पर भी असर डाल सकता है. डेंगू वायरस शरीर में सूजन बढ़ाकर दिल की मांसपेशियों को प्रभावित कर सकता है, जिससे मायोकार्डाइटिस, अनियमित धड़कन, लो ब्लड प्रेशर और दुर्लभ मामलों में हार्ट फेल्योर जैसी जटिलताएं हो सकती हैं.
होने लगती हैं ये समस्याएं
यदि डेंगू के दौरान तेज सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, लगातार चक्कर आना, बेहोशी, धड़कन का बहुत तेज या अनियमित होना या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो, तो इन्हें सामान्य लक्षण समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे मरीजों को तुरंत अस्पताल में जांच और निगरानी की जरूरत होती है.
हार्ट फेलियर का खतरा
एक्सपर्ट कहते हैं कि टाइम पर सही इलाज न मिलने पर डेंगू शॉक सिंड्रोम की कंडीशन बन जाती है और ये जानलेवा स्थिति मानी जाती है. अगर किसी को पहले से दिल से जुड़ी बीमारी है और डेंगू हो जाए तो इससे एक्स्ट्रा प्रैशर बन सकता है. एक्सपर्ट बताते हैं कि मायोकार्डाइटिस होने पर हार्ट फेलियर भी हो सकता है.
किन लोगों में खतरा ज्यादा होता है?
उम्रदराज लोग
जिन्हें पहले से दिल की से जुड़ी बीमारी हो.
हाई ब्लड प्रेशर
डायबिटीज के मरीज
सीवियर डेंगू से पीड़ित लोग
ये लक्षण न करें नजरअंदाज
सीने में दर्द, हार्ट रेट का बढ़ना, सांस लेने में तकलीफ, चक्करबेहोशी, हाथपैरों का ठंडा पड़ना या बीपी का काफी हम होने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर डेंगू होने बादे में ये लक्षण दिखे तो तुरंत हॉस्पिटल जाना चाहिए.



