Jaunpur Theft Case: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में TV9 हिंदी की खबर का बड़ा असर हुआ है. पूर्व एचसीपी दारोगा रामलखन यादव के घर हुई लाखों रुपये की चोरी के मामले 10 दिन बाद FIR दर्ज की गई. पूर्व दारोगा के घर हुई चोरी मामले को टीवी9 हिंदी ने प्रमुखता से उठाया था. घटना के 10 दिन बाद कोतवाली पुलिस ने आखिरकार पीड़ित परिवार की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पीड़ित पक्ष का आरोप था कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस मामला दर्ज नहीं कर रही थी.

जानकारी के अनुसार, आजमगढ़ जिले के देवगांव थाना क्षेत्र के चेवार गांव निवासी रामलखन यादव पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त हैं. उन्होंने वर्ष 2017 में रिटायरमेंट के बाद जौनपुर के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित ख्वाजादोस्त भौराजीपुर मोहल्ले में मकान खरीदा था. इस मकान में उनके बेटे विजय प्रताप यादव और बहू रहते हैं. रामलखन अपने पैतृक गांव आजमगढ़ रहते हैं.
कब हुई थी जोरी?
गर्मी की छुट्टी में विजय प्रताप यादव अपनी पत्नी और बच्चों के साथ आजमगढ़ चले गए थे. 11 जून को पड़ोसियों द्वारा उन्हें फोन पर जानकारी दी गई कि उनके घर का ताला टूटा है. बेटे और बहू के साथ जौनपुर पहुंचे रामलखन यादव ने जब देखा तो घर में सामान बिखरा पड़ा था. लाखों रुपये के आभूषण और बीस हजार नकदी को चोरों ने पार कर दिया था.
केस नहीं दर्ज कर रही थी पुलिस
घटना के बाद पूर्व दारोगा रामलखन यादव ने आरोप लगाया था कि बेटे के साथ 11 जून को कोतवाली जाकर उन्होंने पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने एफआईआर नहीं दर्ज किया. उनका आरोप था कि बेटे द्वारा दी गई तहरीर में चोरी हुए आभूषण और नकदी में से आभूषण चोरी की बात न लिखने की बात कहकर दूसरी तहरीर मांगी जा रही थी.
इस मामले में पीड़ित पितापुत्र ने एसपी ऑफिस पहुंचकर फरियाद की थी. पूर्व दारोगा और उनके बेटे का यह भी आरोप है कि उनसे कहा गया कि आभूषण वगैरह जो चोरी हुए हैं. उसका प्रमाण यानी बिल देते हुए स्टाम्प पेपर पर लिखकर अलग से दीजिए. इस पर रामलखन ने कहा था कि बेटे की शादी में बहू को उपहार में मिले आभूषणों यानि स्त्रीधन की बिल कहां से लाकर दें. इस कारण पुलिस एफआईआर नहीं दर्ज कर रही थी.
इन आरोपों के बाद जब टीवी9 ने सीओ सिटी/ सहायक पुलिस अधीक्षक गोल्डी गुप्ता से बात की थी तो उन्होंने कहा था कि एफआईआर दर्ज की जाएगी, चोरी हुए आभूषणों के बारे में स्टाम्प पर लिखित मांगने के सवाल पर उन्होंने कहा था कि ऐसा नहीं है पुलिस सादे कागज पर लिखकर दी गई शिकायत पर ही कार्रवाई करती है.
10 दिन बाद दर्द हुआ केस
घर में हुई चोरी की एफआईआर दर्ज कराने के लिए दर दर भटक रहे पूर्व दारोगा रामलखन यादव के आरोपों और पूरे मामले को टीवी9 ने प्रमुखता से उठाया था. बीते रविवार को कोतवाली पुलिस ने पूर्व दारोगा के बेटे विजय प्रताप यादव द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर ही बिना तहरीर बदले ही चोरी हुए लाखों के आभूषण और बीस हजार नकदी का केस दर्ज कर लिया है. दस दिन बाद केस दर्ज करके पुलिस पूरे मामले की छानबीन में जुटी गई है.
तीन दर्ज से अधिक एनकाउंटर का किया था दावा
एफआईआर न दर्ज होने पर पूर्व एचसीपी दारोगा रामलखन यादव ने मीडिया से अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए दावा किया था कि इसी जौनपुर में उन्होंने अपनी सर्विस के दौरान तीन दर्जन से अधिक बदमाशों का एनकाउंटर किया था, लेकिन आज उन्हीं के घर में चोरी होने के बाद जौनपुर पुलिस उनकी एफआईआर तक नहीं लिख रही है.



