शिलाजीत को हेल्थ के लिए बेहद पावरफुल मानते हैं, लेकिन हिमालय में एक और ऐसी जड़ीबूटी मिलती है, जिसके कुछ ग्राम के लिए आपको हजारों रुपये चुकाने पड़ सकते हैं. दरअसल इससे सेहत को ढेरों फायदे होते हैं. मार्केट में इसकी मांग काफी ज्यादा है और इसी वजह से हिमालय में बेहद ऊंचाई पर कठिन उबड़खाबड़ दुर्गम पहाड़ी रास्तों में मिलने वाली इस जड़ी को लोग जान जोखिम में डालकर खोजते हैं. इसे कीड़ाजड़ी के नाम से जाना जाता है. इसके बनने के प्रोसेस से लेकर इसके आकार की वजह से इसका नाम कीड़ा जड़ी या कैटरपिलर फंगस पड़ा है. दरअसल इसका ऊपरी हिस्सा एक फंगस होता है और निचला हिस्सा कैटरपिलर है. ये एक परजीवी कवक होता है.

कीड़ा जड़ी को हिमालयन गोल्ड यानी हिमालय का सोना भी कहा जाता है. इसका साइंटिफिक नेम कॉर्डिसेप्स साइनेसिस है. इसके अलावा इसे ‘यार्सागुंबा’ या ‘यार्चा गुम्बा’ भी कहते हैं. इसका यूज लंग्स से जुड़ी प्रॉब्लम को दूर करने से लेकर फर्टिलिटी इंप्रूव करने और एजिंग को स्लो करने तक में किया जाता है. अब जान लेते हैं इसके गुण और फायदे.

मसल्स को बनाती है ताकतवर

कॉर्डिसेप्स यानी कीड़ा जड़ी स्टैमिना इंप्रूव कर सकती है, दरअसल ये मसल्स को ताकत दे सकती है. में दी गई जानकारी के मुताबिक, 2024 में की गई एक स्टडी बताती है कि 14 यंगस्टर्स को हाई इंटेंसिटी वर्कआउट से पहले प्लेसीबो या 1 ग्राम कॉर्डिसेप्स दिया गया. शोधकर्ताओं ने पाया कि कॉर्डिसेप्स लेने वालों में मसल्स को को कम नुकसान हुआ और कोशिकाओं की मरम्मत तेजी से हुई, जिससे वे जल्दी ठीक हो सके. इस के निष्कर्ष बताते हैं कि ये कवक या जड़ीबूटी मसल्स की सूजन में कमी लेकर आई और ऊतकों में CD34+/पैक्स7+ कोशिकाओं में तेजी से वृद्धि हुई. ये जड़ीबूटी मसल्स की डैमेज होने से बचाने में हेल्पफुल हो सकती है.

एजिंग को कर सकती है कम

में पब्लिश जानकारी के मुताबिक, कीड़ाजड़ी में कई एक्टिव कंपाउंड जैसे कॉर्डीसेपीन, एडेनोसाइन, स्टेरोल्स और कई अन्य पॉलीसेकेराइड पाए जाते हैं. ये जड़ीबूटी कोलेजन के प्रोडक्शन को बढ़ाती है. ये एक ऐसा प्रोटीन है जो त्वचा को जवां बनाए रखने के लिए जरूरी होता है. कोलेजन स्किन में इलास्टिसिटी यानी लोच को बढ़ाता है, जिससे झुर्रियां नहीं होती हैं. इस जड़ी के प्रभाव से सिरटुइन की वृद्धि भी देखी गई. इसे ‘दीर्घायु प्रोटीन भी कहते हैं जो कोशिकाओं की लाइफ साइकिल अहम भूमिका निभाता है.

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दिल को फायदाब्लड शुगर कंट्रोल

के मुताबिक, डायबिटिक चूहों पर 2018 में एक स्टडी की गई थी, जिसमें पता चला कि कीड़ा जड़ी ब्लड शुगर को कम करने में मदद कर सकता है. इसके अलावा ये लिपिड के स्तर को भी कम करने में हेल्पफुल होता है. एक और स्टडी कहती है कि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को भी कम कर सकती है. इससे हार्ट हेल्थ में सुधार करने में मदद मिलती है.

सूजन कर सकता है कम

शरीर में इंफ्लामेशन यानी सूजन कम करने में भी कीड़ाजड़ी हेल्पफुल हो सकती है. कुछ लोगों में इंफ्लामेशन की वजह से वेट बढ़ाने की समस्या हो जाती है. इसमें तो ये फायदेमंद है ही. इसके अलावा कहती हैं कि गठिया की समस्या वालों के लिए भी कीड़ा जड़ी का सेवन करने से फायदा मिल सकता है. जबकि अन्य शोधों में अस्थमा और एलर्जिक राइनाइटिस में भी इसी तरह के पॉजिटिव रिजल्ट आए.

ये है ध्यान देने वाली बात

कीड़ाजड़ी पहाड़ों के दुर्गम इलाकों में मिलती है. इस वजह से इसको हार्वेस्ट करके लाना बेहद मुश्किल होता है. मार्केट में ये लाखों की कीमत में आ रही है. इसी वजह से बहुत सारे लोग कॉर्डिसेप्स सप्लीमेंट्स को मैन्युअली भी उगा रहे हैं जो इसका CS4 विशिष्ट स्ट्रेन नाम का संस्करण है. इसमें न्यूट्रिएंट्स में फर्क हो सकता है, इसलिए इसकी पहचान होना बहुत जरूरी है.