
मध्य प्रदेश के गुना जिले के एक सरकारी स्कूल में बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है. आरोप है कि कक्षा 5 के एक छात्र ने पानी की बोतल में पेशाब मिलाकर दो छात्राओं को पिला दिया. दोनों लड़कियों ने जब इसकी शिकायत स्कूल के प्रिंसिपल से की तो आरोप है कि उन्होंने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय कहा कि मुंह का स्वाद खराब लग रहा है तो 10 रुपये की चॉकलेट खा लो. घटना सामने आने के बाद छात्राओं के परिवार और गांव के लोगों में काफी गुस्सा है.
मामला आरोन इलाके के एक सरकारी प्राथमिक स्कूल का है. घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है और प्रिंसिपल को नोटिस जारी किया गया है. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को दो दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है. वहीं, आरोपी छात्र और उसके माता-पिता को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है.
क्या है पूरा मामला?
गुना जिला प्रशासन के अनुसार, दो छात्राओं ने बताया कि कुछ छात्रों ने पानी की बोतल से उन्हें पेशाब पिलाया. जांच में सामने आया है कि उसी कक्षा में पढ़ने वाला एक छात्र इस घटना में मुख्य रूप से शामिल था. अधिकारियों को शक है कि उसके साथ कुछ और छात्र भी इस हरकत में शामिल हो सकते हैं. इसलिए मामले की पूरी सच्चाई जानने के लिए सभी पहलुओं से जांच की जा रही है.
प्रिंसिपल ने क्या कहा?
घटना के बाद दोनों छात्राओं ने स्कूल के प्रिंसिपल को इसकी जानकारी दी. आरोप है कि उनकी बात सुनने के बाद प्रिंसिपल ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय कहा कि अगर मुंह का स्वाद खराब लग रहा है तो 10 रुपये की चॉकलेट खा लें. प्रिंसिपल के इस जवाब से छात्राओं के परिवार और गांव के लोग नाराज हैं. मामले में प्रशासन ने प्रिंसिपल को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है.
क्या कार्रवाई हुई?
मामले की खबर मिलते ही आरोन की एसडीएम मंजूषा खत्री ने तहसीलदार और ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को स्कूल भेजा. ब्लॉक शिक्षा अधिकारी को पूरे मामले की जांच करके दो दिन के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है. प्रशासन का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं, जिस छात्र पर आरोप है, उसे और उसके माता-पिता को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है.
स्कूल में जमकर हुआ हंगामा
मंगलवार को छात्राओं के परिवार वाले और गांव के कई लोग स्कूल पहुंच गए. उन्होंने आरोपी छात्रों और प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए नारेबाजी की. गुस्साए लोगों ने स्कूल में ताला भी लगा दिया. मामला बढ़ता देख प्रशासनिक अधिकारी पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे. उन्होंने छात्राओं, उनके परिजनों और आरोपी छात्रों से बात कर उनके बयान दर्ज किए. अब पूरी जांच के बाद ही पता चलेगा कि इस घटना में कितने छात्र शामिल थे और प्रिंसिपल या स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी कितनी है.



