नई दिल्ली: अलनीनो और कमजोर मानसून की आशंका के बीच देश में दालों की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। खरीफ सीजन में प्रमुख दलहनी फसलों की बुआई कम रहने से आने वाले महीनों में उत्पादन और आपूर्ति पर दबाव पड़ सकता है। ऐसे में सरकार ने संभावित महंगाई को रोकने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।

रिपोर्टों के मुताबिक, केंद्र सरकार सरकारी भंडार में दालों की उपलब्धता बनाए रखने के लिए खुले बाजार में बिक्री की रणनीति की समीक्षा कर रही है। उद्देश्य यह है कि जरूरत पड़ने पर बाजार में पर्याप्त दाल उपलब्ध कराकर कीमतों में अचानक होने वाली तेजी को रोका जा सके।
अलनीनो के कारण मानसून और कृषि उत्पादन पर पड़ने वाले संभावित असर को देखते हुए सरकार पहले से ही राज्यों और कृषि एजेंसियों के साथ निगरानी बढ़ा रही है। केंद्र ने संवेदनशील इलाकों में फसल की स्थिति और मौसम के प्रभाव पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
हालांकि, केंद्रीय कृषि मंत्री ने हाल में कहा है कि मौजूदा स्थिति में खरीफ उत्पादन पर अलनीनो का बहुत बड़ा असर पड़ने की संभावना नहीं है, लेकिन दालों की बुआई और मानसून की आगे की स्थिति कीमतों के लिहाज से अहम बनी हुई है।
सरकार की कोशिश है कि उत्पादन में संभावित कमी, आयात पर निर्भरता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों के बावजूद आम लोगों की रसोई पर महंगाई का ज्यादा बोझ न पड़े। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। आने वाले महीनों में दालों की उपलब्धता और कीमतों पर सरकार की कड़ी नजर रहने की संभावना है।


