भारत की जानीमानी इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो ने एक बार फिर दुनिया भर में अपनी इंजीनियरिंग का लोहा मनवाया है. सोमवार को कंपनी ने शेयर बाजार और कारोबारी जगत को एक बड़ी खुशखबरी दी. एलएंडटी ने खाड़ी क्षेत्र के एक क्लाइंट के साथ 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का एक कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है.

इस बड़ी खबर के बाहर आते ही शेयर बाजार में भी कंपनी के स्टॉक्स पर पॉजिटिव असर दिखा. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। सोमवार सुबह 9:55 बजे बीएसई पर एलएंडटी के शेयर 4100 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहे थे. हालांकि बाद में बाजार गिरने के वजह से इस शेयर में भी 0.19% की गिरावट देखने को मिली है.

लेटर ऑफ अवार्ड’ के तहत मिला है कॉन्ट्रैक्ट

लार्सन एंड टुब्रो के मुताबिक, ये प्रोजेक्ट उन्हें वित्तीय वर्ष 2026 में जारी एक ‘लेटर ऑफ अवार्ड’ के तहत मिला है. कंपनी के नियमों के हिसाब से जब भी कोई प्रोजेक्ट 15,000 करोड़ रुपये की सीमा को पार कर जाता है, तो उसे ‘अल्ट्रामेगा’ प्रोजेक्ट का दर्जा दिया जाता है. इस अहम काम को एलएंडटी की खास ब्रांच ‘एलएंडटी एनर्जी हाइड्रोकार्बन ऑनशोर’ पूरा करेगी.

यह पूरा काम इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण मॉडल के आधार पर किया जाएगा. इसका सीधा मतलब है कि प्रोजेक्ट की डिजाइनिंग से लेकर मशीनों की खरीद और उसे बनाकर खड़ा करने तक की पूरी जिम्मेदारी इसी भारतीय कंपनी की होगी. हालांकि, कंपनी ने फिलहाल अपने इस क्लाइंट या उस मिडिल ईस्ट देश के नाम का खुलासा नहीं किया है.

खाड़ी देश में क्याक्या निर्माण करेगी भारतीय कंपनी

दरअसल, ये पूरा प्रोजेक्ट गैस प्रोसेसिंग से जुड़ा हुआ है. इसके तहत एलएंडटी नए ऑनशोर प्लांट तैयार करेगी, जहां ‘सॉर गैस’ को प्रोसेस किया जाएगा. इस पूरे प्लांट में कंपनी गैस इनलेट फैसिलिटी, गैस को कंप्रेस करने वाले सिस्टम, कंडेनसेट और गैस से निकलने वाले पानी को संभालने का सिस्टम तैयार करेगी. इसके साथ ही प्रोपेन रेफ्रिजरेशन सिस्टम जैसी जरूरी तकनीकी चीजें भी विकसित की जाएंगी.

इतने बड़े गैस कंप्रेशन प्लांट को चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली की जरूरत होती है. इस बिजली की सप्लाई बिना रुके होती रहे, इसके लिए एलएंडटी का पावर ट्रांसमिशन विभाग भी इस प्रोजेक्ट में अपनी भूमिका निभाएगा. यह टीम प्लांट साइट पर 230 केवी क्षमता वाले दो एक्स्ट्राहाईवोल्टेज सबस्टेशन बनाएगी.

कंपनी के बड़े अधिकारियों का क्या कहना है

एलएंडटी एनर्जी हाइड्रोकार्बन ऑनशोर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और प्रमुख ई. एस. सत्यनारायणन ने भी अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि यह कॉन्ट्रैक्ट कंपनी के लिए रणनीतिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. इससे गैस कंप्रेशन की क्षमता और इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा इजाफा होगा. उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के जटिल ‘सॉर गैस’ प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए कंपनी के पास लंबा अनुभव है. यह डील बड़े हाइड्रोकार्बन प्लांट बनाने की उनकी काबिलियत को और मजबूती प्रदान करती है.

हाइड्रोकार्बन सेक्टर में L&T का दबदबा

आज के समय में एलटीईएच ऑनशोर, एलएंडटी के सबसे बड़े ईपीसी व्यवसायों में से एक बन चुका है. यह विभाग दुनिया के अलगअलग देशों में रिफाइनरी का विस्तार करने, पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स बनाने, गैस प्रोसेसिंग और फर्टिलाइजर प्लांट लगाने के साथसाथ एलएनजी टर्मिनल तैयार करने जैसे मुश्किल काम करता आ रहा है. इस नए प्रोजेक्ट की सबसे खास बात ये है कि इसमें कंपनी की हाइड्रोकार्बन इंजीनियरिंग की ताकत उसकी पावर ट्रांसमिशन क्षमता के साथ मिलकर काम कर रही है. इससे विदेशी धरती पर कंपनी एक मजबूत समाधान प्रदाता के रूप में उभर कर सामने आ रही है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.