केंद्र सरकार ने गेहूं के आटे और इससे जुड़े दूसरे उत्पादों के निर्यात पर लगी रोक को तुरंत प्रभाव से हटा दिया है. सरकार के इस फैसले के बाद अब भारत से गेहूं का आटा, मैदा, सूजी, साबुत गेहूं का आटा और अन्य संबंधित उत्पादों को विदेश भेजने की अनुमति मिल गई है. सरकार ने सोमवार को गेहूं के आटे और संबंधित उत्पादों की निर्यात नीति में बदलाव किया. इसके तहत पहले लागू निर्यात प्रतिबंध को हटा दिया गया है. यानी अब इन उत्पादों का निर्यात सामान्य रूप से किया जा सकेगा.

भारत ने 12 जुलाई 2022 को गेहूं के निर्यात पर रोक लगाई थी. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। इसका मुख्य कारण घरेलू बाजार में गेहूं और आटे की बढ़ती कीमतें थीं. उस समय रूसयूक्रेन युद्ध के कारण दुनियाभर में गेहूं की कीमतों में करीब 40% तक तेजी आई थी. भारत से भी बड़ी मात्रा में गेहूं विदेश भेजा जा रहा था.

गेहूं की सप्लाई और ट्रांसपोर्ट

युद्ध के कारण ब्लैक सी क्षेत्र में गेहूं की सप्लाई और ट्रांसपोर्ट पर भी असर पड़ा था. यह क्षेत्र दुनिया के करीब एक चौथाई गेहूं कारोबार से जुड़ा है. ऐसे में भारत ने वैश्विक बाजार में गेहूं की कमी को पूरा करने में अहम भूमिका निभाई. हालांकि, बाद में सरकार ने गेहूं के निर्यात में कुछ ढील दी थी और इस साल इसकी अधिकतम सीमा 50 लाख टन सालाना तय की गई थी.

अब नए फैसले के बाद गेहूं के आटे और उससे जुड़े उत्पादों के निर्यात पर लगी पाबंदी पूरी तरह हटा दी गई है. 2022 के बाद पहली बार इन उत्पादों का निर्यात पूरी तरह से मुक्त किया गया है.