UK AGEY Yojana: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘सशक्त महिला, समृद्ध उत्तराखंड’ के संकल्प को चंपावत में नई रफ्तार मिल रही है। ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना यानी AGEY से महिलाओं को वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। खास बात ये है कि महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए ब्याज रहित ऋण सहायता भी दी जा रही है। टनकपुर और बाराकोट की दो महिला लाभार्थियों को वाहन सौंपे गए हैं।

महिलाओं को मिले वाहन और ब्याज मुक्त लोन
चम्पावत में महिलाओं के हाथों को रोजगार और पहाड़ की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने की पहल शुरू हुई है। ग्राम्य विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को वाहन सौंपे गए। योजना के तहत टनकपुर के ओम क्लस्टर की माया महर और बाराकोट के रेगडू क्लस्टर की कविता मेहता को वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने के लिए ब्याज रहित लोन की सहायता भी दी गई है।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम
उत्तराखंड सरकार की ये पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे महिलाओं को रोजगार मिलेगा और वे अपने स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाकर अपनी आमदनी बढ़ा सकेंगी। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। AGEY के माध्यम से महिलाओं को टैक्सी ड्राइविंग और स्वरोजगार से जोड़ा जा रहा है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन की सुविधा मजबूत करने के साथसाथ महिला स्वयं सहायता समूहों की आय के साधनों को बढ़ाना है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी होगी मजबूत
इस तरह की योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है। महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होकर आत्मनिर्भर बन रही हैं और सशक्त उत्तराखंड के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वावलंबन को बढ़ावा दिया जा रहा है। AGEY योजना के माध्यम से महिलाओं को टैक्सी ड्राइविंग और स्वरोजगार से जोड़ने का काम किया जा रहा है, ताकि वे अपनी आय का मजबूत साधन विकसित कर सकें।
रोजगार का नया रास्ता खुला
लाभार्थी माया महर ने कहा कि वाहन मिलने से हमारे लिए रोजगार का नया रास्ता खुला है। इससे हम अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचा सकेंगे और अपनी आय बढ़ाकर आत्मनिर्भर बन सकेंगे। वहीं कविता मेहता ने कहा कि सरकार की इस योजना से हमें बहुत लाभ मिला है। वाहन मिलने से हमारे काम को काफी सुविधा होगी और स्वरोजगार के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
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उत्तराखंड सरकार का लक्ष्य, आत्मनिर्भर उद्यमी बनें महिलाएं
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने महिला सशक्तिकरण की इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। सरकार का फोकस महिलाओं को सिर्फ योजनाओं का लाभ देने तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर उद्यमी बनाने पर है। चम्पावत में AGEY योजना के तहत महिलाओं को मिले ये वाहन महज परिवहन का साधन नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई सवारी बनकर सामने आए हैं। स्थानीय उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने से लेकर परिवार की आय बढ़ाने तक, यह पहल ‘सशक्त महिला, समृद्ध उत्तराखंड’ के संकल्प को जमीन पर उतारने की दिशा में अहम कदम है।



