मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार उत्तर प्रदेश के दो दिवसीय दौरे पर हैं. उन्होंने सोमवार को 20 जिलों के प्रिंसिपलों, शिक्षकों और छात्रों के साथ चुनावी प्रक्रिया पर विस्तार से बातचीत की. उन्होंने कहा कि देश के Gen Z छात्रों और युवाओं को भारत के चुनावी प्रक्रिया की अच्छी समझ है और उन्हें इसकी पारदर्शिता पर गर्व है.

ज्ञानेश कुमार ने बताया कि भारत में पूरी चुनाव प्रक्रिया संवैधानिक दायरे में रहकर पूरी की जाती है. वोटर लिस्ट तैयार करने से लेकर वोटिंग और वोटों की गिनती तक, हर चरण में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहते हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत में लगभग 97 करोड़ वोटर हैं, यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है. अगर आप अमेरिका, कनाडा, दक्षिण अमेरिका और पूरे यूरोप, अफ्रीका और दक्षिणपूर्व एशिया के वोटरों की संख्या को मिला भी लें, तब भी यह संख्या 8 करोड़ कम ही रहेगी. आप इतने बड़े लोकतंत्र का हिस्सा हैं.
भारत सरकार दुनिया की सबसे बड़ी नियोक्ता
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि जब भारत का चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव करवाता है, तो उसका दायरा कितना बड़ा होता है? भारत सरकार दुनिया की सबसे बड़ी नियोक्ता है, जिसके पास 65 लाख
लोगों का वर्कफोर्स हैं. इसकी तुलना में, दुनिया की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर की कंपनी से है. वॉलमार्ट के पास 20 लाख लोगों का वर्कफोर्स है.
लोकसभा चुनाव में 1.80 करोड़ लोग करते हैं काम
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि जब भारत का चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव करवाता है, तो वह दुनिया का सबसे बड़ा संगठन बन जाता है, जिसमें 1.8 करोड़ लोग काम करते हैं. पारदर्शिता का इससे बेहतर उदाहरण और कोई नहीं हो सकता. उन्होंने बताया कि ECINET के जरिए एक साथ 1.8 करोड़ लोगों से बातचीत की जाती है. जहां भारत में ट्विटर के 2.5 करोड़ डाउनलोड हैं, वहीं ECINET के 5 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड हैं. साल के आखिर तक, ECI ऐप देश का सबसे बड़ा ऐप बन जाएगा.



