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झारखंड के धनबाद में जमीन धंसने की एक और घटना सामने आई है. शनिवार दोपहर बस्ताकोला क्षेत्र में बंद झरिया आरएसपी कॉलेज के पास स्थित कामिनी कल्याण बस्ती में अचानक तेज आवाज के साथ जमीन धंस गई. भू-धंसान इतना तेज था कि करीब एक दर्जन घरों में दरारें पड़ गईं. घटना के बाद पूरी बस्ती में अफरा-तफरी मच गई और लोग डर के कारण अपने घरों से निकलकर सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे.जमीन धंसने से कई घरों के नीचे से गुजर रही भूमिगत पाइपलाइन भी टूट गई, जिसके कारण बस्ती में पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई. घटना की जानकारी मिलने के बाद माइंस रेस्क्यू की पूरी तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. घटना से नाराज स्थानीय लोगों ने झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और सड़क को पूरी तरह जाम कर दिया. इसके कारण मुख्य सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई.

10 Points में समझें पूरा मामला, और घनबाद में क्यों होता है ऐसा?

1. घटना के बाद मेयर संजीव सिंह सबसे पहले मौके पर पहुंचे. उन्होंने बीसीसीएल अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर युद्धस्तर पर राहत और बचाव का काम शुरू करने के निर्देश दिए.

2. इसके बाद बस्ताकोला के जीएम एसके गायकवाड़ और राजापुर परियोजना पदाधिकारी एम. कुंडू भी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने प्रभावित इलाके का निरीक्षण किया और वहां रहने वाले लोगों से बातचीत की.

3. सिंदरी के डीएसपी प्रकाश चंद महतो भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर मौजूद रहे. प्रशासन, पुलिस और जनप्रतिनिधियों ने लोगों को समझाया और उचित कार्रवाई का भरोसा दिया. इसके बाद किसी तरह प्रदर्शन कर रहे लोगों को शांत कराया गया और सड़क पर आवागमन शुरू हो सका.

4. मेयर संजीव सिंह ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया. उन्होंने कहा कि जमीन धंसने से प्रभावित सभी परिवारों को सुरक्षित जगह पर बसाया जाएगा.

5. तत्काल राहत के तौर पर बेघर हुए आशीष रवानी, निरंजन रवानी, बेबी देवी और विश्वजीत दे के परिवारों के लिए रात गुजारने की व्यवस्था की गई. इन परिवारों को बस्ताकोला रेस्क्यू स्कूल स्थित जीएम ऑफिस में रहने की जगह दी गई.

6. धनबाद में इससे पहले भी जमीन धंसने की घटनाएं सामने आती रही हैं. 2 हफ्ते पहले ही 12 घरों के धंसने की खबर सामने आई थी. एक घटना में दो मंजिला मकान पूरी तरह जमीन के अंदर धंस गया था, जबकि कई अन्य घरों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा था. अचानक जमीन धंसने और कई जगहों पर जमीन फटने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी.

7. धनबाद में जमीन धंसने की बड़ी वजह व्यापक भूमिगत कोयला खनन को माना जा रहा है. लंबे समय तक जमीन के नीचे खनन होने से कई जगहों पर जमीन के भीतर खाली स्थान बन जाते हैं. इससे ऊपर की जमीन कमजोर और अस्थिर हो सकती है और अचानक धंसने की स्थिति पैदा हो सकती है.

8. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड यानी बीसीसीएल के खनन क्षेत्रों के अलावा स्थानीय स्तर पर होने वाली अवैध खनन गतिविधियों को भी इस समस्या से जोड़कर देखा जाता है. कट्रास के छाताबाद और बाघमारा के तांड़ाबाड़ी जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के नीचे लंबे समय से कोयला खनन होने के कारण जमीन के कमजोर होने की बात सामने आती रही है.

9. स्थानीय लोगों के मुताबिक, आउटसोर्सिंग के जरिए होने वाले कोयला खनन के दौरान भारी ब्लास्टिंग से कई बार जमीन में कंपन महसूस होता है. लोगों का कहना है कि इससे जमीन में दरारें पड़ने और अचानक जमीन धंसने की घटनाएं हो सकती हैं. ऐसी स्थिति में आसपास बने मकानों को भी नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है.

10. लगातार बारिश भी जमीन धंसने की स्थिति को और गंभीर बना सकती है. बारिश का पानी कमजोर और पहले से दरार वाली मिट्टी के अंदर पहुंचता है. इससे जमीन के भीतर मौजूद कमजोर हिस्सों और खाली जगहों पर दबाव बढ़ सकता है और पहले से अस्थिर भूमिगत हिस्से के धंसने की प्रक्रिया तेज हो सकती है.