
UP Politics: उत्तर प्रदेश की सियासत में अयोध्या से जुड़े ‘मछली भोज’ विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक बयानबाजी को तेज कर दिया है. रायबरेली में आयोजित ‘भाव समर्पण समारोह’ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और उसके प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पर तीखा हमला बोला. उन्होंने अयोध्या में हनुमानगढ़ी दर्शन और इसके बाद कथित मछली भोज को लेकर कांग्रेस के आचरण पर सवाल उठाए. मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ भगवान राम और बजरंग बली का नाम लिया जाता है, वहीं दूसरी तरफ ऐसे कार्यक्रमों में शामिल हुआ जाता है. योगी ने इसे कांग्रेस का दोहरा आचरण बताते हुए कहा कि इस तरह की राजनीति पर शर्मिंदगी महसूस होनी चाहिए.
‘हनुमानगढ़ी गए और फिर मछली भोज में शामिल हुए’
रायबरेली में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के कथित मछली भोज विवाद का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अयोध्या में हनुमानगढ़ी के दर्शन करने जाते हैं और इसके बाद मछली भोज की दावत में शामिल होते हैं. योगी ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर किसी को मछली खानी थी तो अयोध्या से बाहर जाकर भी खाई जा सकती थी. उन्होंने इस पूरे मामले को कांग्रेस की कथित दोहरी राजनीति से जोड़ते हुए विपक्ष पर तीखी टिप्पणी की.
‘कांग्रेस का दोहरा आचरण’
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस पर धार्मिक भावनाओं और राजनीतिक दिखावे को लेकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस नेता राम का नाम लेते हैं और बजरंग बली के मंदिर में माथा टेकते हैं, जबकि दूसरी तरफ उनके कार्यक्रमों को लेकर अलग तरह के विवाद सामने आते हैं. योगी ने इसे कांग्रेस का ‘दोहरा आचरण’ बताते हुए कहा कि ऐसी राजनीति से जनता को भ्रमित नहीं किया जा सकता. उन्होंने विपक्षी दलों पर अपनी सुविधा के हिसाब से धार्मिक प्रतीकों और मुद्दों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.
कांग्रेस के पुराने राजनीतिक इतिहास का किया जिक्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान कांग्रेस से जुड़े पुराने राजनीतिक घटनाक्रमों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के परिवार से जुड़े एक पुराने मामले का जिक्र करते हुए विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए. योगी ने कहा कि प्रदेश में पहले ऐसी परिस्थितियां थीं, जब आम नागरिक, व्यापारी, किसान और युवा खुद को असुरक्षित और पहचान के संकट में महसूस करते थे. ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। उन्होंने इसके लिए समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस की पिछली सरकारों को जिम्मेदार ठहराया.
‘आज यूपी के नागरिक के सामने पहचान का संकट नहीं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं. उनके मुताबिक, आज प्रदेश का युवा, किसान, व्यापारी और आम नागरिक बिना किसी डर के अपनी पहचान के साथ आगे बढ़ सकता है. योगी ने दावा किया कि पिछले वर्षों में राज्य में कानून-व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में बदलाव आया है. उन्होंने विपक्षी दलों पर भ्रष्टाचार और अव्यवस्था को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश को एक नई दिशा देने का काम किया है.
अयोध्या के विकास को लेकर विपक्ष पर सवाल
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या में किए गए विकास कार्यों और नामकरण को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्ष को इस बात से भी परेशानी होती है कि अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट का नाम क्यों रखा गया. उन्होंने कहा कि अयोध्या में निषादराज के नाम पर यात्री विश्रामालय और शबरी माता के नाम पर भोजनालय बनाए जाने पर भी विपक्ष सवाल उठाता है. योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने भारतीय परंपरा और विरासत से जुड़े महापुरुषों और पात्रों को सम्मान देने का काम किया है.
‘हमने अपनी विरासत को सम्मान दिया’
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पिछली सरकारों के पास काम करने की क्षमता और इच्छाशक्ति नहीं थी, जबकि उनकी सरकार ने प्रदेश की विरासत को विकास के साथ जोड़ने का प्रयास किया है. उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण और शहर में हुए विकास कार्यों को इसी सोच का हिस्सा बताया. योगी ने कहा कि भगवान राम और भारतीय संस्कृति से जुड़े स्थलों को सम्मान देना केवल धार्मिक विषय नहीं बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ा है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इसी विरासत को केंद्र में रखते हुए अयोध्या के विकास को आगे बढ़ाया है.



