टोक्यो। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जापान दौरे के दौरान भारत की आर्थिक ताकत और रणनीतिक साझेदारी का संदेश मजबूती से रखा। जापानी उद्योग जगत को भारत में निवेश बढ़ाने का न्योता देते हुए उन्होंने कंपनियों से चीन पर अत्यधिक निर्भरता कम करने और भारत जैसे भरोसेमंद बाजारों की ओर देखने का आग्रह किया।

गोयल ने जापानी कंपनियों को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत केवल एक बड़ा बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक विनिर्माण और निवेश का मजबूत केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने जापानी कंपनियों से स्थानीयकरण, अनुसंधान एवं विकास तथा नई उत्पादन क्षमताओं में निवेश बढ़ाने की अपील की।
उन्होंने सुजुकी का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में काम कर रही जापानी कंपनियों के पास बड़ी सफलता हासिल करने की व्यापक संभावनाएं हैं। गोयल ने भारत से स्टील खरीदने की अपील भी की और व्यापारिक रिश्तों में अधिक संतुलन पर जोर दिया।
जापान दौरे में सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मैन्युफैक्चरिंग और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। भारत का लक्ष्य जापानी निवेश और तकनीक के साथ मिलकर दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई तक पहुंचाना है।
पीयूष गोयल का यह दौरा 24 से 27 अगस्त तक चल रहा है और वह करीब 200 सदस्यीय भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस दौरे को भारतजापान के व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, टोक्यो से गोयल का संदेश साफ है—भारत निवेश के लिए तैयार है, साझेदारी के लिए भरोसेमंद है और अब वैश्विक उद्योग जगत में बराबरी की मजबूत भूमिका चाहता है।
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