वेनेजुएला में बुधवार शाम लगातार 40 सेकंड में आए दो भूकंपों ने तबाही मचाई. पहला भूकंप 7.2 तीव्रता और दूसरा 7.5 तीव्रता का था. अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे का कहना है कि इस तबाही में 10 हजार से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका है. सबसे ज्यादा तबाही राजधानी कराकास में हुई है. इमारतें गिर गई हैं. धूल का गुबार उठता दिखाई दिया है. लोग डरेसहमे नजर आए. कराकास एयरपोर्ट की छत का कुछ हिस्सा गिर गया. अब सवाल है कि सबसे ज्यादा असर राजधानी कराकास में क्यों हुआ है.

भूकंप का सबसे ज्यादा असर राजधानी में होने के पीछे कई वजह बताई गई हैं. भूकंप विशेषज्ञ लूसी जोन्स का कहना है कि यह इसलिए इतना भयावह है क्योंकि बेहद शक्तिशाली भूकंप को लाखों लोगों की बसावट एक ही जगह पर मिल गई. की सबसे घनी आबादी कराकास में रहती है, इसलिए नुकसान स्वाभाविक रूप से सबसे ज्यादा यहां हुआ. वजह सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है. इसका वैज्ञानिक पक्ष कुछ और ही है. अब इसे भी समझ लेते हैं.
सबसे ज्यादा तबाही की असली वजह?
कराकास में तबाही की बड़ी वजह इसकी लोकेशन भी है. साइंस डायरेक्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां पर भूकंप का सबसे ज्यादा खतरा है क्योंकि यह लोकेशन कैरिबियन और दक्षिण अमेरिकी प्लेटों के बीच एक सक्रिय टेक्टोनिक सीमा पर है, जहां सैन सेबेस्टियन और टकागुआएल एविला जैसे बड़े फॉल्ट सिस्टम मौजूद हैं.
शहर के घनी आबादी वाली हिस्से, नम मिट्टी और खड़ी पहाड़ियां हैं. पुराने भूकंपरोधी नियमों के आधार पर बने कमज़ोर इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण यह खतरा और भी बढ़ जाता है. यही वजह है कि यहां पर तबाही अधिक हुई है.
कराकास के लॉस पालोस ग्रांडेस इलाके में एक क्षतिग्रस्त इमारत दिखाई दे रही है. यहां कई इमारतें गिर गई हैं, लेकिन अब तक मृतकों और घायलों की सही संख्या की पुष्टि नहीं हो पाई है.
भूकंप का असर 2 से 5 गुना ज्यादा
कराकास ऐसी एल्युवियल वैली में बसा है जहां मिट्टी की साॅफ्ट पर्तें हैं. इन पर भूकंप की तरंगों का असर 2 से 5 गुना ज्यादा होता है. यानी ठोस पत्थर पर खड़े शहरों की तुलना में झटका ज्यादा लगता है. वेनेजुएला पहले से ही राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है और भूकंप ने इसकी मुश्किलें और भी बढ़ा दी हैं.
वेनेजुएला में आए भूकंप की तस्वीर.
CNN की रिपोर्ट में एक वरिष्ठ स्ट्रक्चरल इंजीनियर का कहना है, कराकास में तबाही का एक बड़ा कारण यह है कि पुरानी इमारतें पुराने निर्माण मानकों के अनुसार बनी हैं, जो इस तरह के भूकंप को झेलने में सक्षम नहीं थीं.
वेनेजुएला लम्बे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा है. यही वजह है कि यहां का रखरखाव शून्य है. देश में 2025 में महंगाई दर 500% से ऊपर पहुंच गई और आम लोग रोज़मर्रा की जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. ऐसे में इमारतों की मरम्मत और रखरखाव वर्षों से नहीं हुआ भूकंप में ये कमज़ोर ढांचे तुरंत ढह गए.
वेनेजुएला में जो भूकंप आया है, उसे डबलेट भूकंप कहा गया है.
यहां भूकंप नहीं, डबलेट भूकंप आया
तबाही की एक और वजह है डबलेट भूकंप. यह भूकंप सामान्य भूकंप से शक्तिशाली होता है. सामान्य भूकंप में दूसरा झटका कमजोर होता है, लेकिन डबलेट में दूसरा झटका और मजबूत होता है. वेनेजुएला में पहला झटका 7.2 तीव्रता और दूसरा 7.5 तीव्रता का था. जब दो भूकंप बहुत कम समय अंतराल पर आते हैं तो और तीव्रता ज्यादा होती है तो उसे डबलेट भूकंप में कहते हैं.
डबलेट भूकंंप में संभलने का मौका नहीं मिलता. यही वजह है कि यह ज्यादा विनाशकारी होता है क्योंकि डबलेट भूकंप में झटका कमजोर नहीं बराबर की एनर्जी से आता है.



