भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े सितारों में शामिल विराट कोहली ने एक ऐसा फैसला लिया है जिसने खेल और कारोबारी जगत दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोहली ने स्पोर्ट्सवियर कंपनी प्यूमा की ओर से मिले लगभग ₹300 करोड़ के आठ वर्षीय कॉन्ट्रैक्ट एक्सटेंशन को ठुकरा दिया है। इसके बजाय उन्होंने अपने स्वयं के स्पोर्ट्स और लाइफस्टाइल ब्रांड One8 को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। यह फैसला केवल एक ब्रांड एंबेसडर की भूमिका छोड़ने का नहीं, बल्कि एक उद्यमी के रूप में अपनी पहचान मजबूत करने का संकेत माना जा रहा है।

विराट कोहली ने वर्ष 2017 में प्यूमा के साथ एक ऐतिहासिक एंडोर्समेंट डील की थी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹110 करोड़ बताई गई थी। यह साझेदारी भारतीय खेल विपणन के सबसे चर्चित सौदों में से एक रही। जैसेजैसे यह समझौता अपने अंतिम चरण में पहुंचा, प्यूमा ने कथित तौर पर कोहली को अगले आठ वर्षों के लिए लगभग ₹300 करोड़ का नया प्रस्ताव दिया। हालांकि, इस बार कोहली ने पारंपरिक ब्रांड एंबेसडर की भूमिका में बने रहने के बजाय अपने ब्रांड के भविष्य पर दांव लगाने का निर्णय लिया।

इस नई रणनीति के तहत कोहली ने स्पोर्ट्सवियर कंपनी Agilitas Sports में लगभग ₹40 करोड़ का निवेश किया है। यह कंपनी प्यूमा इंडिया के पूर्व प्रमुख अभिषेक गांगुली द्वारा स्थापित की गई है, जिन्हें भारत में प्यूमा की सफलता के पीछे प्रमुख रणनीतिक चेहरों में गिना जाता है। इस निवेश के साथ कोहली केवल किसी उत्पाद का प्रचार करने वाले चेहरे नहीं रहेंगे, बल्कि व्यवसाय में हिस्सेदार और निर्णय लेने वाली प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा भी बनेंगे।

सूत्रों के अनुसार, One8 का भविष्य अब Agilitas Sports के साथ जुड़ा होगा। कंपनी एक वर्टिकली इंटीग्रेटेड मॉडल पर काम कर रही है, जिसके तहत डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और रिटेल जैसे सभी प्रमुख कार्यों को एक ही कारोबारी ढांचे में संचालित किया जाएगा। इस दिशा में कंपनी पहले ही फुटवियर निर्माता Mochiko Shoes का अधिग्रहण कर चुकी है। उद्देश्य स्पष्ट है One8 को एक वैश्विक भारतीय स्पोर्ट्स ब्रांड के रूप में स्थापित करना, जो अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों नाइकी, एडिडास और प्यूमा को चुनौती दे सके।

One8 की शुरुआत वर्ष 2016 में विराट कोहली के व्यक्तिगत लाइफस्टाइल और स्पोर्ट्स ब्रांड के रूप में हुई थी। ब्रांड का नाम कोहली के जर्सी नंबर 18 और ‘वन’ की अवधारणा को मिलाकर तैयार किया गया है। समय के साथ यह ब्रांड स्पोर्ट्सवियर, कैजुअल परिधान, फुटवियर, एक्सेसरीज और फिटनेस लाइफस्टाइल उत्पादों के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान बनाने में सफल रहा है। आज इसे भारत के सबसे सफल एथलीटनेतृत्व वाले ब्रांडों में गिना जाता है।

हाल ही में 21 जून को नई दिल्ली में One8 ने अपना पहला स्वतंत्र फुटवियर कलेक्शन लॉन्च किया। इस कलेक्शन में क्रिकेट स्पाइक्स, रनिंग शूज़, ट्रेनिंग फुटवियर और लाइफस्टाइल स्नीकर्स शामिल हैं। लॉन्च के दौरान विराट कोहली ने खुलासा किया कि अंतिम डिजाइन को मंजूरी देने से पहले उन्होंने 17 अलगअलग प्रोटोटाइप को अस्वीकार कर दिया था। यह तथ्य दर्शाता है कि वह केवल ब्रांड का चेहरा नहीं हैं, बल्कि उत्पाद विकास की प्रक्रिया में भी सक्रिय रूप से शामिल हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि कोहली का यह कदम लंबी अवधि में बेहद लाभदायक साबित हो सकता है। यदि One8 वैश्विक स्तर पर सफल होता है, तो उनकी हिस्सेदारी का मूल्य ₹300 करोड़ की प्रस्तावित डील से कहीं अधिक हो सकता है। इससे उन्हें क्रिकेट करियर के बाद भी एक मजबूत व्यावसायिक विरासत स्थापित करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, यह राह चुनौतियों से भी भरी हुई है। वैश्विक स्पोर्ट्सवियर बाजार में पहले से मौजूद बड़े ब्रांडों के बीच अपनी जगह बनाना आसान नहीं है। उत्पादन, वितरण और रिटेल नेटवर्क के विस्तार के लिए बड़े निवेश और निरंतर रणनीतिक प्रयासों की आवश्यकता होगी।

विराट कोहली का यह कदम दुनिया के उन सफल खिलाड़ियों की रणनीति से मेल खाता है जिन्होंने केवल एंडोर्समेंट तक सीमित रहने के बजाय ब्रांड स्वामित्व और इक्विटी मॉडल को चुना। यही कारण है कि इस फैसले को भारतीय खेल उद्योग में एक महत्वपूर्ण कारोबारी मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।

₹300 करोड़ की गारंटीड कमाई को ठुकराकर विराट कोहली ने स्पष्ट संकेत दिया है कि उनका लक्ष्य केवल विज्ञापन से आय अर्जित करना नहीं, बल्कि एक ऐसा भारतीय वैश्विक ब्रांड खड़ा करना है जो आने वाले वर्षों में खेल और व्यवसाय दोनों क्षेत्रों में नई मिसाल कायम कर सके। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या One8 वास्तव में दुनिया के सबसे बड़े स्पोर्ट्स ब्रांडों की कतार में अपनी जगह बना पाएगा।