मुंबई में निर्माण परियोजनाओं के लिए पानी की सप्लाई पर रोक लगाने के बृहन्मुंबई नगर निगम के फैसले का असर रियल एस्टेट शेयरों पर दिखाई दिया. बुधवार के कारोबार में कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. निवेशकों को आशंका है कि पानी की कमी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हो सकता है, जिससे परियोजनाओं की समयसीमा और कंपनियों की आय पर असर पड़ सकता है.

इन कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर मैक्रोटेक डेवलपर्स का शेयर करीब 4% तक टूट गया. वहीं ओबेरॉय रियल्टी और गोदरेज प्रॉपर्टीज के शेयरों में लगभग 3% की गिरावट देखी गई. इसके अलावा आदित्य बिड़ला रियल एस्टेट, प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स और अनंत राज के शेयर भी 1% से 2% तक कमजोर रहे. मुंबई और आसपास के बाजारों में सक्रिय सनटेक रियल्टी, कीस्टोन रियल्टर्स, आर्केड डेवलपर्स और महिंद्रा लाइफस्पेस डेवलपर्स के शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला.

BMC ने क्यों लगाया प्रतिबंध?

BMC ने मंगलवार को जल संरक्षण के लिए कई कदमों की घोषणा की. दरअसल, मानसून में देरी के कारण मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले जलाशयों का जलस्तर घटकर 10.35% रह गया है. स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने निर्माण स्थलों और स्विमिंग पूल को पानी की सप्लाई रोक दी है. साथ ही औद्योगिक, व्यावसायिक और खेल संस्थानों को मिलने वाले पानी में 20% कटौती का फैसला लिया गया है. यह प्रतिबंध बुधवार से प्रभावी हो गया है.

रियल एस्टेट सेक्टर पर क्या होगा असर?

निर्माण कार्य में पानी की अहम भूमिका होती है. ऐसे में लंबे समय तक प्रतिबंध जारी रहने पर परियोजनाओं की रफ्तार धीमी पड़ सकती है. इससे प्रोजेक्ट पूरा होने में देरी, ग्राहकों को समय पर कब्जा न मिलने और डेवलपर्स की आय पर असर पड़ने की आशंका बढ़ सकती है. विशेष रूप से मुंबई महानगर क्षेत्र , जो देश के सबसे बड़े आवासीय बाजारों में शामिल है, वहां चल रही परियोजनाएं प्रभावित हो सकती हैं.

आगे क्या है उम्मीद?

ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities के मुताबिक FY26 में रियल एस्टेट सेक्टर का प्रदर्शन स्थिर रहा है और कंपनियों की कलेक्शन ग्रोथ भी मजबूत रही है. हालांकि अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि BMC का यह कदम कितने समय तक लागू रहता है. यदि जल्द राहत नहीं मिलती है, तो रियल एस्टेट कंपनियों के परिचालन और शेयरों पर दबाव बना रह सकता है.