वसई: वसई पूर्व के वालीव पुलिस स्टेशन क्षेत्र में वर्ष 2013 में हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड की गुत्थी पुलिस ने 13 साल के लंबे अंतराल के बाद सुलझा ली है। क्राइम ब्रांच यूनिट2 की टीम ने इस मामले में वांछित आरोपी को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। हत्या के बाद से ही आरोपी अपनी पहचान बदलकर लगातार राज्यों को बदलता रहा और पंजाब, बंगाल व तमिलनाडु में छुपकर जीवन गुजार रहा था।

मामले का मुख्य आरोपी मोहम्मद अजमल मोहम्मद मंसूरी अंसारी उर्फ पोफल , जो मूलतः बिहार के जिला मुंगेर अंतर्गत ओ.पी. साफिया सराय के ग्राम परहास, पो. नया समनगर का निवासी है, उस समय वसई पूर्व में ही रहता था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से उसकी पत्नी अपने नवजात बेटे के साथ मायके में रह रही थी। अजमल अक्सर अपनी पत्नी और बेटे से मिलने का प्रयास करता था, लेकिन उसकी सास इस मुलाकात में बाधा बनी हुई थी। इसी विवाद को लेकर आरोपी के मन में गहरी नाराजगी थी।
दिनांक 14 सितंबर 2013 को जब वह अपनी पत्नी से मिलने वसई पूर्व स्थित देवीपाड़ा गोखीवरे में अपनी सास के घर पहुँचा, तो सास संजीदा मोहम्मद कयूम ने उसे घर में प्रवेश करने से स्पष्ट मना कर दिया। इसी बात से आक्रोशित होकर मोहम्मद अजमल ने अपनी सास की निर्मम हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। इस वारदात के समय आरोपी की आयु 30 वर्ष थी। घटना के बाद वालीव पुलिस स्टेशन में हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया, परंतु आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर रहा।
हाल ही में कमिश्नर निकेत कौशिक ने इस 13 साल पुराने हत्याकांड की जांच क्राइम ब्रांच यूनिट2 को सौंपी। डीसीपी संदीप डोईफोड़े और एसीपी मदन बल्लाल के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक अविराज कुराडे, सानाप पाटिल, संजय नवले, रवींद्र पवार, मनोज मोरे, चंदन मोरे, प्रफुल्ल पाटिल, प्रशांत कुमार ठाकुर, सचिन पाटिल, जगदीश गोवारी, राहुल करपे, अक्षय बांगर, संतोष चव्हाण तथा साइबर पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी छानबीन शुरू की।
पुलिस टीम ने सबसे पहले आरोपी के बिहार स्थित पैतृक गांव से जानकारियां जुटाईं। परिजनों से पूछताछ और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर आरोपी के ठिकाने का पता चला, लेकिन वह वहां से भी फरार हो चुका था। अंततः, टीम को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी मोहम्मद अजमल अपनी पहचान बदलकर तमिलनाडु के जिला तिरुवेल्लूर स्थित मिंजुरी में छिपा है। इस सटीक जानकारी पर पुलिस टीम ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपनी सास की हत्या करने का अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपना स्थान बदलता रहा और दिहाड़ी मजदूरी करके अपना जीवन यापन कर रहा था।



