
कैंसर खतरनाक बीमारी है जो पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ने वाली जानलेवा बीमारी बन रहा है। भारत में हर साल कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं। हालांकि समय पर इलाज और जांच से मौत का आंकड़ा कम हो रहा है। इसलिए कैंसर के लक्षणों और जांच को लेकर आपको सतर्क रहने की जरूरत है। अलग-अलग कैंसर की जांच भी अलग होती हैं। ऐसे में डॉक्टर्स का कहना है कि दर्द होने या लक्षण आने का इंतजार न करें। समय-समय पर कैंसर की स्क्रीनिंग कराते रहें, जिससे कैंसर का शुरुआती स्टेज में ही पता लगाया जा सके। रायपुर के जाने माने कैंसर सर्जन और सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉक्टर जयेश शर्मा ने लोगों के बीच फैले कैंसर से जुड़े 5 सच बताए हैं जिन्हें बहुत कम लोग ही जानते हैं।
कैंसर के 5 सच
दर्द होने का इंतजार नहीं करना है। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। लोगों को लगता है कि शरीर में दर्द आमतौर पर चोट लगने या बाहरी हमले के समय होता है। कैंसर कुछ ऐसी कोशिकाओं से बनता है जो थोड़ी बड़ी हो जाती हैं। लेकिन हमें दर्द होने का इंतजार नहीं करना है।
करीब आधे कैंसर पर हमारा थोड़ा कंट्रोल है लेकिन आधा कैंसर पर हमारा बिल्कुल भी नियंत्रण नहीं है। इसलिए लाइफस्टाइल में बदलाव करके हम कुछ तरह के कैंसर को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं। लेकिन इसमें भी उम्र, वातावरण, आनुवंशिकता और लक शामिल है। अगर किसी को कैंसर है, उसने ही कुछ किया होगा ऐसा हमें नहीं सोचना है।
तीसरा कड़वा सच है कि कैंसर के इलाज का कोई शॉर्टकट तरीका नहीं है। अगर कोई आपको शॉर्टकट बताए या कहे कि मैंने इतने लोगों को ठीक कर दिया है तो हमेशा सक्सेस रेट के बारे में पूछें कि कितने मरीजों पर आपने ये इलाज किया और कितनों को फायदा हुआ। इससे आप लोगों की धोखाधड़ी से बच सकते हैं।
अच्छी बात ये है कि 80-90% कैंसर का अगर पहली या दूसरी स्टेज में पता चल जाए और इलाज शुरू कर दिया जाए तो उन्हें जड़ से खत्म किया जा सकता है। इसलिए कैंसर का पता लगते ही शॉर्टकट नहीं उसका इलाज करवाइये। जल्दी इलाज का फायदा है कि कम कीमत और समय में आपको अच्छे नतीजे मिल पाते हैं।
सबसे अच्छी बात यह है कि सबसे आम कैंसर जैसे ब्रेस्ट कैंसर, माउथ कैंसर, गर्भाशय ग्रीवा, फेफड़े और कोलोन कैंसर के लिए भारत में अच्छे स्क्रीनिंग टेस्ट आसानी से उपलब्ध हैं। जिससे लक्षण कम होने या न होने पर भी कैंसर का पता लगाया जा सकता है। इससे बिना लक्षणों के होने वाले कैंसर के 50% खतरे को कम किया जा सकता है।



