Lucknow Fire Tragedy: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में शासन ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पांच और अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। जांच में सामने आई लापरवाही और अनियमितताओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही हादसे वाली इमारत को ध्वस्त करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

5 अधिकारियोंकर्मचारियों पर गिरी गाज

शासन ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के सहायक अभियंता संजय शुक्ला, अधीक्षण अभियंता आनंद मिश्रा, अधिशासी अभियंता शिवेंद्र शुक्ला, अवर अभियंता हेमंत कुमार और सुपरवाइजर हरपाल को निलंबित कर दिया है। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी किए हैं। इससे पहले भी दो इंजीनियरों पर कार्रवाई हो चुकी थी। अब तक इस मामले में कुल सात अधिकारीकर्मचारी निलंबित किए जा चुके हैं।

18 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश

अग्निकांड की जांच में कई स्तरों पर लापरवाही और नियमों की अनदेखी सामने आई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर एलडीए ने 18 अधिकारियों और इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी थी। फिलहाल सेवा में कार्यरत अधिकारियों पर पहले कार्रवाई की जा रही है, जबकि जिन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

हादसे वाली इमारत पर चलेगा बुलडोजर

प्रशासन ने अग्निकांड वाली इमारत को ध्वस्त करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। बिल्डिंग के मालिक वीरेंद्र शुक्ला को ध्वस्तीकरण का नोटिस जारी कर दिया गया है। चूंकि वह फिलहाल जेल में हैं, इसलिए प्रशासन ने उन्हें जेल जाकर नोटिस सौंपा है। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

22 जून को हुई थी दर्दनाक घटना

22 जून को लखनऊ के अलीगंज इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में 15 बच्चों की मौत हो गई थी, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था।

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 बच्चों की मौत आग से झुलसने की बजाय दम घुटने से हुई थी। डॉक्टरों को किसी भी शव पर ऐसी गंभीर बाहरी चोट नहीं मिली, जिसे मौत का सीधा कारण माना जा सके। हालांकि कई मृतकों के चेहरे और आंखों के आसपास सूजन पाई गई, जो धुएं और जहरीली गैसों के प्रभाव की ओर इशारा करती है। फिलहाल शासन इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने में जुटा है। जांच आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में और अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। 

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