किडनी पर दबाव बढ़ा सकते हैं ये 4 फूड्स, साइलेंट किलर इन फूड्स को कैसे करें कंट्रोल, डॉक्टर से जानिए

गलत खानपान और अनहेल्दी लाइफस्टाइल का सीधा असर हमारी किडनी की सेहत पर पड़ता है। हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जो धीमी गति से किडनी पर दबाव बढ़ाते हैं और ‘साइलेंट किलर’ की तरह काम करते हैं। समय रहते इनकी सही मात्रा और परहेज की जानकारी होना बेहद जरूरी है। किडनी शरीर के उन खास अंगों में शामिल है, जिनके बिना शरीर के सामान्य कामकाज की कल्पना करना मुश्किल है। शरीर में मौजूद दो किडनी लगातार खून को फिल्टर करने का काम करती हैं।

इनके जरिए यूरिया और दूसरे अपशिष्ट पदार्थ पेशाब के रास्ते शरीर से बाहर निकलते हैं। इसके अलावा किडनी शरीर में पानी, सोडियम और दूसरे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण से जुड़े कुछ हार्मोनल कामों में भी किडनी की भूमिका अहम है।

किडनी स्पेशलिस्ट डॉक्टर प्रगति गुप्ता के मुताबिक किडनी को हेल्दी रखने के लिए सिर्फ पर्याप्त पानी पीना ही जरूरी नहीं, बल्कि खान-पान पर भी ध्यान देना जरूरी है। लंबे समय तक ज्यादा नमक, चीनी और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मोटापे जैसी स्थितियों का जोखिम बढ़ा सकता है, जो आगे चलकर किडनी की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं। जरूरत से ज्यादा सफेद दिखने वाले कुछ फूड्स का सेवन किडनी की सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए डाइट में सीमित रखना जरूरी है। ये समाचार आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे है। आइए जानते हैं कि ये सफेद फूड्स कैसे किडनी की सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं और इन्हें कैसे करें कंट्रोल। Also Readकिन लोगों को सुबह उठकर गर्म पानी पीना चाहिए और किन लोगों को ठंडा ? योगा एक्सपर्ट ने बताया सही तरीका और सावधावनियां

सफेद नमक का ज्यादा सेवन साइलेंट किलर

नमक में मौजूद सोडियम शरीर के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा नुकसान पहुंचा सकती है। ज्यादा सोडियम लेने से शरीर में पानी रुक सकता है और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने पर किडनी की रक्त वाहिकाओं और फिल्ट्रेशन सिस्टम पर असर पड़ सकता है। जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या शरीर में सूजन की समस्या है, उन्हें खास तौर पर नमक की मात्रा को लेकर सावधानी बरतनी चाहिए। खाने में अतिरिक्त नमक डालने की आदत कम करने के साथ पैकेज्ड और अत्यधिक नमकीन खाद्य पदार्थों का सेवन भी सीमित करना बेहतर है। Also Readपेट साफ न होने और भारीपन से परेशान हैं? अपनाएं आयुर्वेदिक डॉक्टर के बताए ये 7 असरदार उपाय

सफेद चीनी भी करती है किडनी पर असर

चीनी का ज्यादा मात्रा में सेवन करने से वजन बढ़ने और ब्लड शुगर हाई होने का खतरा रहता है। लंबे समय तक अनियंत्रित डायबिटीज किडनी को नुकसान पहुंचाने वाले प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है। चाय, कॉफी और दूसरी चीजों में अतिरिक्त चीनी की मात्रा कम करना बेहद जरूरी है। अगर आपको मीठा खाने की क्रेविंग होती है तो फलों का सेवन करें। शहद और खजूर भी शुगर के स्रोत हैं, लेकिन डायबिटीज या किडनी की बीमारी वाले लोगों को इन्हें भी सीमित मात्रा में लेना चाहिए। Also Readक्या योगाभ्यास से ब्लड शुगर कंट्रोल हो सकता है? योग गुरु से जानिए 5 असरदार योगासन और उनके फायदे

मैदा बढ़ा सकता है मेटाबॉलिक जोखिम

मैदा रिफाइंड अनाज से तैयार होता है और इसमें साबुत अनाज की तुलना में फाइबर काफी कम होता है। मैदे से बनी चीजें जैसे बिस्कुट, केक, पेस्ट्री, पिज्जा बेस और कई तरह के बेकरी प्रोडक्ट्स अक्सर कैलोरी, नमक, चीनी और अनहेल्दी फैट की मात्रा ज्यादा होती हैं। इन चीजों का नियमित और ज्यादा सेवन वजन बढ़ने, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है। ये सभी कारक लंबे समय में किडनी की सेहत पर असर डाल सकते हैं। इसलिए डाइट में साबुत अनाज, दालें और फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता देना बेहतर है। किडनी के मरीज दूध, पनीर और चीज का सेवन भी सीमित करें।

किडनी को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?

किडनी की सेहत में सुधार करना चाहते हैं तो  किसी एक खाद्य पदार्थ को पूरी तरह ‘जहर’ मानने के बजाय पूरी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करें। नमक और अतिरिक्त चीनी का सेवन सीमित करें, अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड से बचें, वजन को कंट्रोल करें, ब्लड प्रेशर  और  ब्लड शुगर को कंट्रोल रखें।